अंधेरों से उजालों की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़, लेकिन विकास की असली कसौटी अब भी जनता की खुशहाली!

लेखक: एमडी आरिफ़ अमन
कार्यकारी संपादक – अमन प्रकाश न्यूज़
छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर एक और वर्ष अनेक उतार-चढ़ाव, संघर्ष, उपलब्धियों, उम्मीदों और चुनौतियों के साथ आगे बढ़ रहा है। दीपावली का यह पावन पर्व हमें केवल घरों में दीप जलाने का संदेश नहीं देता, बल्कि समाज और व्यवस्था में व्याप्त अंधकार को दूर करने का संकल्प भी दिलाता है।
वर्ष 2026 छत्तीसगढ़ के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान, सुरक्षा बलों का साहस, आत्मसमर्पण की घटनाएं और शांति की नई उम्मीदों ने प्रदेश के भविष्य को लेकर एक नई चर्चा को जन्म दिया। अब आवश्यकता है कि बस्तर के प्रत्येक गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं का उजाला पहुंचे।
प्रदेश में विकास की अनेक योजनाओं और घोषणाओं के बीच किसानों की उम्मीदें भी केंद्र में रहीं। धान खरीदी को लेकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा का निर्णय किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहा। वहीं ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास हुए।
छत्तीसगढ़ ने 1 नवंबर को अपना 26वां स्थापना दिवस मनाया। नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव में प्रदेश की संस्कृति, कला, परंपरा और विकास की झलक देखने को मिली। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले आयोजन और मैनपाट टाइटंस की चैंपियन बनने की उपलब्धि ने खेल जगत में भी नई उम्मीद जगाई।
लेकिन प्रदेश की विकास यात्रा का दूसरा पहलू भी है। आज भी अनेक शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सवाल मौजूद हैं।
राजधानी रायपुर में नगर निगम की सफाई व्यवस्था, कचरे का उठाव, नालियों की स्थिति और अधिकारियों की जवाबदेही जैसे विषय जनता के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। भवन निर्माण की अनुमति, नियमों का पालन और अवैध निर्माण पर कार्रवाई में समानता जैसे सवाल भी प्रशासन के सामने हैं।
आखिर विकास का अर्थ केवल बड़ी-बड़ी इमारतें, सड़कें और घोषणाएं हैं या आम नागरिक को बेहतर जीवन देना भी है?
क्या गरीब को समय पर न्याय मिल रहा है? क्या युवाओं को रोजगार मिल रहा है? क्या किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो रहा है? क्या शहरों की सफाई और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार आया है?
इन सवालों का जवाब ही प्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर तय करेगा।
दीपावली हमें यही सिखाती है कि अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, एक छोटा-सा दीपक भी उजाले की शुरुआत कर सकता है।
आज आवश्यकता है कि राजनीति से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता दी जाए। सत्ता और विपक्ष दोनों जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। अधिकारी अपनी जवाबदेही निभाएं और समाज का प्रत्येक व्यक्ति प्रदेश को बेहतर बनाने में अपना योगदान दे।

पत्रकारिता के क्षेत्र में भी हमारा संकल्प यही है कि जनता की आवाज को जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ उठाया जाए। जहां उपलब्धियां हों, वहां उनका स्वागत हो और जहां व्यवस्था में कमियां हों, वहां सवाल भी पूरी मजबूती से उठाए जाएं।
अमन प्रकाश न्यूज़ का संकल्प है कि खबरों के माध्यम से जनता की आवाज बुलंद होती रहे, जनहित के मुद्दे सामने आते रहें और जवाबदेही की पत्रकारिता मजबूत होती रहे।
आइए, इस दीपावली पर हम केवल अपने घरों को ही नहीं, बल्कि अपने विचारों, समाज और व्यवस्था को भी रोशन करने का संकल्प लें।
ईश्वर से कामना है कि छत्तीसगढ़ के हर किसान के घर खुशहाली आए, हर युवा को रोजगार मिले, हर महिला आत्मनिर्भर बने, हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिले और प्रदेश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित, स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जी सके।
अंधकार मिटे, खुशहाली बढ़े, आपसी भाईचारा मजबूत हो और हमारा छत्तीसगढ़ विकास, शांति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुए।
अमन प्रकाश न्यूज़ परिवार की ओर से छत्तीसगढ़ के समस्त प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।



