छत्तीसगढ़

राजधानी में सफाई व्यवस्था की खुली पोल! जोन क्रमांक 6 में भी कचरे का अंबार, आखिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब?

नवभारत की खबर ने खोली नगर निगम के सफाई व्यवस्था की हकीकत, अब जोन क्रमांक 6 के वार्डों में भी जनता गंदगी और बदबू से परेशान। स्वास्थ्य अधिकारी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल!

रायपुर। राजधानी रायपुर में स्वच्छता को लेकर नगर निगम द्वारा किए जा रहे बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत अब सवालों के घेरे में है। 5 नवंबर को नवभारत समाचार पत्र में प्रकाशित खबर ‘निगम का दावा फेल, घरों, बाजार और मोहल्लों में नहीं उठ रहा कचरा’ ने राजधानी की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। लेकिन सवाल यह है कि जब राजधानी के अलग-अलग इलाकों में कचरे का नियमित उठाव नहीं हो रहा है, तो नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी आखिर कर क्या रहे हैं?
इसी बदहाल व्यवस्था की तस्वीर रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 6 में भी देखने को मिल रही है। जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न वार्डों में जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है। नियमित कचरा उठाव नहीं होने से रहवासी गंदगी, बदबू और अस्वच्छ वातावरण के बीच रहने को मजबूर हैं।

स्वास्थ्य अधिकारी की जिम्मेदारी आखिर कौन तय करेगा?

जोन क्रमांक 6 में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। इसके बावजूद यदि वार्डों में लगातार कचरा जमा हो रहा है और सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट रही है, तो इसका जवाबदेह कौन है? क्या स्वास्थ्य अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं? या फिर जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं?

नगर निगम में स्वास्थ्य अधिकारियों की नियुक्ति का उद्देश्य शहर को स्वच्छ रखना और जनता को बेहतर सफाई व्यवस्था उपलब्ध कराना है। लेकिन जब जनता को ही गंदगी से राहत नहीं मिल रही, तो अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सफाई व्यवस्था बेहाल, जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
एक तरफ नगर निगम स्वच्छता अभियान और शहर को स्वच्छ बनाने के दावे करता है, वहीं दूसरी तरफ वार्डों में कचरे का उठाव नहीं होना इन दावों की वास्तविकता पर सवाल खड़े कर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सफाई व्यवस्था में लगातार लापरवाही सामने आने के बावजूद संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? क्या अधिकारियों की जवाबदेही केवल निरीक्षण और रिपोर्ट तक सीमित रह गई है?
महापौर और निगम आयुक्त से सवाल!
क्या नगर निगम महापौर और आयुक्त को जोन क्रमांक 6 की बदहाल सफाई व्यवस्था की जानकारी है? क्या कभी जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा गया? यदि जानकारी होने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है, तो आखिर कार्रवाई का इंतजार किस बात का है?
अमन प्रकाश न्यूज़ का सवाल है कि जनता से सफाई के नाम पर टैक्स लेने वाला नगर निगम जब जनता को स्वच्छ वातावरण नहीं दे पा रहा है, तो इसकी जवाबदेही कौन लेगा?
अब जरूरत केवल सफाई अभियान चलाने की नहीं, बल्कि लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की है।
अमन प्रकाश न्यूज़ की टीम आने वाले दिनों में जोन क्रमांक 6 के विभिन्न वार्डों में सफाई व्यवस्था की जमीनी पड़ताल कर जनता की समस्याओं और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली को एक-एक कर सामने लाएगी।
सवाल सीधा है—सफाई व्यवस्था सुधारेंगे या फिर जनता को इसी गंदगी के बीच रहने के लिए छोड़ देंगे?

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