छत्तीसगढ़

“मरीजों के इलाज में भी एजेंटों का खेल! रायपुर के 8 अस्पतालों में गड़बड़ी, आखिर किसकी मिलीभगत?”

राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे गंभीर सवाल, गलत पैकेज कोडिंग, फर्जी दस्तावेज और मरीजों को एजेंटों के जरिए अस्पताल पहुंचाने की शिकायतें मिलीं। आखिर मरीजों की मजबूरी का फायदा कौन उठा रहा था?

एम. डी. आरिफ की रिपोर्ट…

रायपुर। राजधानी रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मरीजों को बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा करने वाले कुछ निजी अस्पतालों में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद आठ अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। सामने आई जानकारी के अनुसार, इन अस्पतालों में मरीजों से अतिरिक्त वसूली, गलत पैकेज कोडिंग, आवश्यक दस्तावेजों की कमी और एजेंटों के माध्यम से मरीजों को अस्पताल लाने जैसी गड़बड़ियां पाई गईं।
मिली जानकारी के अनुसार, श्री अनंत साईं अस्पताल में एजेंटों के जरिए मरीजों को लाने की गड़बड़ी सामने आई। वहीं एसके केयर अस्पताल में मरीजों से अतिरिक्त वसूली और एजेंटों के माध्यम से मरीज लाने का मामला सामने आया।

इसी तरह श्री महावीर अस्पताल में अतिरिक्त पैसे लेने की शिकायत मिली, जबकि श्रीनिवास अस्पताल में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और एजेंटों के जरिए मरीज लाने की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा वरदान अस्पताल में पैकेज की गलत कोडिंग, जरूरी दस्तावेजों की कमी और एजेंटों के माध्यम से मरीज लाने की अनियमितता मिली। सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और हेरिटेज अस्पताल में भी अतिरिक्त वसूली की शिकायतें सही पाई गईं। हेरिटेज अस्पताल में गलत पैकेज कोडिंग और एजेंटों के जरिए मरीज लाने की गड़बड़ी भी सामने आई।

वहीं श्री रावतपुरा सरकार अस्पताल में मरीजों से अतिरिक्त वसूली, गलत पैकेज कोडिंग और एजेंटों के माध्यम से मरीज लाने का मामला सामने आया।
मरीजों के भरोसे के साथ खिलवाड़ तो नहीं?
स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी व्यक्ति के जीवन से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय हैं। मरीज और उनके परिजन बीमारी की स्थिति में अस्पतालों पर भरोसा करके इलाज कराते हैं। ऐसे में यदि इलाज के नाम पर अतिरिक्त वसूली, गलत बिलिंग और एजेंटों के माध्यम से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने जैसी अनियमितताएं होती हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
अब सबसे बड़ा सवाल!
क्या इन आठ अस्पतालों पर हुई कार्रवाई के बाद मरीजों को राहत मिलेगी? क्या अतिरिक्त वसूली गई रकम मरीजों को वापस कराई जाएगी? क्या एजेंटों के माध्यम से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क की जांच होगी? और क्या दोषी पाए जाने वाले अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी?
अमन प्रकाश न्यूज़ का सवाल है कि स्वास्थ्य सेवा आखिर सेवा है या कमाई का कारोबार? मरीजों के अधिकारों की रक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।
इस मामले में संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई और मरीजों को मिलने वाली राहत पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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