सरायपाली कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर, मंत्री के कार्यक्रम की विधायक को नहीं खबर, कांग्रेसी ही करेंगे कांग्रेस का बंटाधार … कैसे होगा 75 पार !!

विकास नंद ( ब्यूरो चीफ महासमुंद )
सरायपाली। प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है वर्तमान में प्रदेश की सत्ता पर काबिज कांग्रेस के नेताओं के आपसी मतभेद खुलकर जनता के सामने आने लगे हैं इसी क्रम में सरायपाली विधानसभा भी कांग्रेस की आपसी गुटबाजी से अछूता नहीं है आज सरायपाली में नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया द्वारा विभिन्न समाज के लिए सामुदायिक भवनों व नगर पालिका अंतर्गत निर्माण व विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन कर नगर विकास के लिए करोड़ों की सौगात दी गयी।
इस कार्यक्रम में स्थानीय कांग्रेसी विधायक किस्मत लाल नंद का नही होना कई सवाल खड़े करता है विश्वसनीय सूत्रों प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 तारीख को विधायक नंद रायपुर स्थित राजीव भवन में चुनाव अभियान समिति की बैठक में शामिल होने गए थे और विधायक कार्यालय से प्राप्त प्रोटोकॉल के मुताबिक 27 तारीख को विधानसभा क्षेत्र में ही जनसंपर्क अभियान में रहेंगे नगरीय प्रशासन व श्रम विकास मंत्री शिव डहरिया द्वारा सरायपाली विधानसभा में करोड़ों की सौगात दी गई है जिसकी जानकारी विधायक को नहीं है इतने बड़े कार्यक्रम में स्थानीय विधायक का शामिल नहीं होना नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।


गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार, सरायपाली नगर पालिका में कांग्रेस का अध्यक्ष और विधायक भी कांग्रेस पार्टी से होने के बावजूद तालमेल नहीं होने और आपसी मतभेद होने के कारण गुटबाजी चरम पर है तो वहीं भाजपा को बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया है सरायपाली विधानसभा में विधायक किस्मत लाल नंद की छबि अब तक सबसे अधिक मतों से लगभग 52000 मतों से जीत हासिल करने वाले एक लोकप्रिय जननेता के रुप में हुई है।
नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा विधायक की उपेक्षा से जनता और विधायक के समर्थकों में भारी नाराजगी व्याप्त हैं ठीक विधानसभा चुनाव के समय जहां एक ओर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने का आह्वान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पार्टी के अंदर नेताओं की गुटबाजी कांग्रेस के लिए सिर दर्द बनी हुई है बहरहाल नगर पालिका अध्यक्ष की मनमानी व वर्चस्व की अंदरुनी लड़ाई खुलकर जनता और कार्यकर्ताओं के सामने आ चुकी है इस मुद्दे को भाजपा चुनाव में भुनाने का हर संभव प्रयास करेगी कांग्रेस अपने अंदरुनी कलह का समय रहते निराकरण नही कर पाती है तो आने वाले समय में पार्टी को भारी नुक़सान की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।



