क्या ईडी के चक्रव्यूह को तोड़ पाएंगे राहुल?.. क्यों सता रहा है गिरफ्तारी का डर..

विकास नंद की रिपोर्ट….
लोकसभा में चक्रव्यूह पर महाभारत छेड़कर राहुल ने सरकार को हर मोर्चे घेरने की पर अपनी मंशा जाहिर कर दी है कि वो मोदी सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे राहुल ने भारत जोड़ो यात्रा और न्याय यात्रा से कही ना कहीं जनता के दिलों दिमाग में दस्तक दी है जिसका नतीजा आज वो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनकर अपनी और जनता के सवालों का जवाब सरकार से मांग रहें हैं परंतु 1 अगस्त को लगभग रात के पौने दो बजे सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर राहुल गांधी ने ट्वीट करके सभी चौंका दिया कि ईडी उनको गिरफ्तार करने का प्लान बना रही है ये महज़ राजनीति स्टंट या ध्यान आकर्षित करने के लिए नहीं है इस बात में कुछ ना कुछ सच्चाई जरूर है क्योंकि राहुल गांधी पर नेशनल हैराल्ड मामले में मुकदमा चल रहा है और वो ज़मानत पर रिहा है
आखिर राहुल गांधी को अचानक गिरफ्तारी का डर क्यों सताने लगा है कहीं नेशनल हैराल्ड केस में ईडी अब उनसे अरविंद केजरीवाल की तरह ही पूछताछ करने वाली तो नहीं है एक समय ऐसा था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने भाषणों में सरकारी एजेंसियों को चैलेंज करते थे कि हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार करके दिखाओ और आज केजरीवाल की हालत यह हो चली है कि उनकी जमानत याचिका बार बार अदालत में खारिज हो रही है कुछ इसी तरह राहुल गांधी भी ईडी सीबीआई पर ट्वीट कर रहे हैं कि आप आइए मुझे गिरफ्तार करने मैं चाय नाश्ते के साथ आपका स्वागत करूंगा। गौरतलब है कि शुरू भारतीय राजनीति की परंपरा रही है
जो भी दल केन्द्र की सत्ता पर काबिज हो ईडी सीबीआई आईटी को अपने इशारों पर काम करवाती है पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को पिंजरे का तोता कहकर संबोधित किया था और फटकार भी लगाई थी बहरहाल अगर राहुल गांधी की गिरफ्तारी वर्तमान परिस्थितियों में होती है तो इसका फायदा इंडिया गठबंधन को मिलेगा और विपक्षी दल मोदी सरकार की छबि को जनता की नज़र में तानाशाह बनाने में काफी हद तक कामयाब हो सकते हैं।



