अमोरा पार्क पर कार्रवाई ठंडी? नोटिस की मियाद खत्म, अब दूसरा नोटिस कब—निगम पर उठे बड़े सवाल

रायपुर। रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 10 अंतर्गत अमोरा पार्क क्षेत्र में अवैध निर्माण के आरोपों को लेकर दिया गया नोटिस अब सवालों के घेरे में आ गया है। निगम द्वारा संबंधित पक्ष को भूमि स्वामित्व दस्तावेज, भवन निर्माण अनुज्ञा एवं स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया था, जिसकी समयसीमा अब पूरी हो चुकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि समयसीमा समाप्त होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं दिख रही? क्या संबंधित व्यक्ति द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं या फिर निगम की ओर से अगली कार्रवाई में देरी हो रही है?
इस पूरे मामले में स्थिति और भी पेचीदा तब हो गई जब नोटिस जारी करने वाले तत्कालीन जोन कमिश्नर को निलंबित कर दिया गया। ऐसे में अब नए जोन कमिश्नर के सामने यह बड़ी चुनौती है कि वे इस मामले में सख्त कदम उठाते हैं या नहीं।
स्थानीय स्तर पर लोगों का आरोप है कि इसी तरह की लापरवाही के चलते शहर में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति निर्माण का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा कर माफिया सक्रिय हैं और बाद में कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जोन क्रमांक 10 कब दूसरा नोटिस जारी करता है और क्या इस बार वाकई कोई सख्त कार्रवाई होती है या फिर मामला फिर से ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
साथ ही, नगर निगम मुख्यालय में बैठे आयुक्त विश्वजीत की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या वे इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
फिलहाल, अमोरा पार्क का यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में निगम की कार्रवाई ही तय करेगी कि प्रशासन वास्तव में कितनी गंभीरता से अवैध निर्माण के खिलाफ कदम उठा रहा है।



