“रायपुर में ‘निष्पक्षता’ पर घमासान: एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला के आरोपों से कमिश्नर की भूमिका पर उठे बड़े सवाल!”

सोशल मीडिया एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला ने एक तस्वीर को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। तस्वीर में अरुण साव और केदार कश्यप के साथ हरे घेरे में दिख रहे व्यक्ति को लेकर दावा किया जा रहा है कि वे रायपुर नगर निगम के कमिश्नर विश्वदीप हैं।

कुणाल शुक्ला का सवाल है कि क्या एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी किसी राजनीतिक कार्यक्रम—कथित तौर पर भाजपा की “महिला आक्रोश रैली”—की तैयारियों में शामिल हो सकते हैं?
❗ यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो यह प्रशासनिक निष्पक्षता और सेवा नियमों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
📢 कुणाल शुक्ला ने कहा है कि इस पूरे मामले की शिकायत आज ही छत्तीसगढ़ के राज्यपाल और Department of Personnel and Training (DOPT) से की जाएगी।
👉 बड़ा सवाल:
क्या सरकारी तंत्र को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहना चाहिए?
क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी?
⚠️ फिलहाल ये सवाल सोशल मीडिया पर तेजी से उठ रहा है। मामले की सच्चाई जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।



