संबित मिश्रा जी आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक उपयोग पर निगम की कार्रवाई, लेकिन जोन 7 में तीन मंजिला व्यावसायिक परिसर पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?

एम. डी. आरिफ की रिपोर्ट…
रायपुर। नगर निगम जोन क्रमांक 5 ने आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक भवन का निर्माण कर उसका व्यावसायिक उपयोग किए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गोल चौक, रोहिणीपुरम स्थित एक अनाधिकृत दुकान को खाली करवाकर सीलबंद कर दिया। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या रायपुर नगर निगम में भवन अनुज्ञा और व्यावसायिक उपयोग के नियम सभी के लिए समान रूप से लागू हो रहे हैं?
नगर निगम के अनुसार, आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन 5 के जोन कमिश्नर राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में नगर निवेश विभाग की टीम ने वार्ड क्रमांक 40 के गोल चौक, रोहिणीपुरम क्षेत्र में श्रीमती सावित्री वर्मा की दुकान पर कार्रवाई की। निगम का कहना है कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक उपयोग किए जाने की जानकारी मिलने पर 26 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 303 के तहत नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर व्यावसायिक उपयोग बंद करने के निर्देश दिए गए थे।
निगम के मुताबिक निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित दुकान को खाली करवाकर सीलबंद करने की कार्रवाई की गई।

लेकिन अब उठ रहा है बड़ा सवाल
नगर निगम की इस कार्रवाई के साथ ही जोन क्रमांक 7 के वार्ड नंबर 36 का मामला भी चर्चा में आ गया है। आरोप है कि वहां आवासीय उपयोग के लिए भवन अनुज्ञा होने के बावजूद तीन मंजिला भवन में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं और संबंधित भवन को पूर्व में नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
यदि यह मामला निगम के रिकॉर्ड में दर्ज है और भवन अनुज्ञा आवासीय उपयोग के लिए है, तो फिर सवाल यह है कि जोन 5 में आवासीय क्षेत्र के व्यावसायिक उपयोग पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई और जोन 7 के वार्ड 36 में कथित व्यावसायिक उपयोग पर कार्रवाई में इतना अंतर क्यों?

क्या नगर निगम के नियम सभी के लिए समान हैं?
क्या एक मामले में नोटिस के बाद सीलिंग और दूसरे मामले में कार्रवाई में देरी किसी अलग नीति का संकेत है?
या फिर जोन 7 के मामले में भी निगम जल्द वैसी ही कार्रवाई करेगा, जैसी जोन 5 में की गई?
आयुक्त से जवाब की उम्मीद
यह मामला अब केवल एक भवन या एक दुकान की कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि नगर निगम की कार्रवाई की समानता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।
यदि दोनों मामलों में भवन अनुज्ञा और उपयोग की स्थिति समान है, तो नगर निगम को स्पष्ट करना होगा कि कार्रवाई के अलग-अलग मानदंड क्यों दिखाई दे रहे हैं?
क्या रायपुर नगर निगम में नियम व्यक्ति और स्थान देखकर बदलते हैं, या फिर हर अवैध व्यावसायिक उपयोग पर एक जैसी कार्रवाई होगी?
अब निगाहें नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा और जोन क्रमांक 7 के अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।



