शहर साफ चाहिए, कमीशनखोरी बर्दाश्त नहीं: आयुक्त
लंबित भुगतान पर सख्ती, 5 तारीख तक कर्मचारियों के खातों में पहुंचेगा वेतन

शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सफाई कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और कमीशनखोरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सफाई ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के साथ हुई लंबी समीक्षा बैठक में आयुक्त ने लंबित भुगतान, सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सफाई कर्मचारियों का बकाया भुगतान आगामी 5 तारीख तक हर हाल में कर दिया जाएगा। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी करने वालों की जिम्मेदारी तय की जाए और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाए।

आयुक्त ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होनी चाहिए। नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सफाई कार्य में लापरवाही पाई गई तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में मौजूद सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने वेतन भुगतान में हो रही देरी और अन्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस पर आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए सभी लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान किया जाएगा।
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि भुगतान संबंधी समस्याओं के समाधान के बाद कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। शहरवासियों ने भी प्रशासन के इस सख्त रुख का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे सफाई व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
“स्वच्छ शहर हमारी प्राथमिकता है। भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के लिए नगर निगम में कोई स्थान नहीं है।” — आयुक्त
यह कदम शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




