खाद संकट और कालाबाजारी पर युवा कांग्रेस का हमला, किसानों के हित में आंदोलन की चेतावनी

सरायपाली/महासमुंद। प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ किसानों को खाद की कमी और बढ़ती कालाबाजारी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस ने राज्य सरकार और कृषि विभाग पर निशाना साधते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
संजय चौधरी ने प्रदेश में किसानों को आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि डीएपी, यूरिया सहित अन्य खादों की कमी के कारण किसान परेशान हैं। सहकारी समितियों और खाद वितरण केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं होने से किसानों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जबकि कई क्षेत्रों से कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि कई समितियों में किसानों को प्रति एकड़ केवल एक बोरी खाद दी जा रही है, जो खेती की वास्तविक आवश्यकता की तुलना में बेहद कम है। खरीफ फसलों की समय पर बुवाई और बेहतर उत्पादन के लिए पर्याप्त उर्वरक जरूरी है, लेकिन सीमित वितरण के कारण किसानों को मजबूरन निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
संजय चौधरी ने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन आज वही किसान अपनी फसल की तैयारी के लिए आवश्यक खाद के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो इसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
युवा कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार और कृषि विभाग से मांग की कि सभी सहकारी समितियों और खाद विक्रेताओं के यहां पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसानों को उनकी भूमि और आवश्यकता के अनुसार खाद का वितरण किया जाए तथा कालाबाजारी में संलिप्त व्यापारियों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए नियमित जांच अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि खाद संकट और कालाबाजारी पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो किसानों के हित में व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
खाद की कमी और कालाबाजारी को लेकर उठी यह मांग अब किसानों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। आने वाले दिनों में सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है, इस पर किसानों की निगाहें टिकी हुई हैं।




