छत्तीसगढ़

7. बस्तर में इस किसान ने खेती के लिए खरीदा 7 करोड़ का हेलीकॉप्टर, सालाना टर्न ओवर 25 करोड़

छत्तीसगढ़ का एक किसान अपनी मेहनत और लगन से नक्सल आतंक के लिए मशहूर बस्तर जिले की तस्वीर बदलता जा रहा है। काले मोती यानी काली मिर्च, स्टीविया और सफेद मूसली की खेती में किसान ने अपनी मेहनत से नए आयामों को तय किया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में प्रोबेशनरी ऑफिसर की नौकरी छोड़ खेती में किस्मत अजमाई।

लगन और मेहनत के बल पर 400 आदिवासियों को नौकरी दी। वर्तमान समय में इस किसान का सालाना टर्नओवर 25 करोड़ का है। काले मोती की खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए किसान ने 7 करोड़ रुपये में हेलीकॉप्टर खरीदा है। जिसकी मदद से खेती को और आसान बनाएंगे। आइए मिलते हैं इस आधुनिक किसान से…

साल 1962 में बस्तर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र दरभा के ककनार गांव में राजाराम त्रिपाठी का जन्म हुआ। पिता जगदीश प्रसाद शिक्षक थे। जगदलपुर कालेज से राजाराम ने पढ़ाई की। मेहनत और लगन से स्टेट बैंक आफ इंडिया में प्रोबेशनर अधिकारी बनकर कोंडागांव चले गए। राजाराम का बचपन से ही खेती-किसानी से जुड़ाव था। हो भी क्यों न, जब दादा शंभुनाथ त्रिपाठी 70 साल पहले यूपी के प्रतापगढ़ जिले से दरभा घाटी के ककनार में आकर बसे और किसानी करने लगे थे।

1996 में राजाराम ने 5 एकड़ से सब्जी की खेती शुरू की। फिर बैंक की नौकरी छोड़ दी। आज वे लगभग 1100 एकड़ में खेती का काम कर रहे हैं। सफेद मूसली, काली मिर्च, इंसुलिन, स्टीविया, सतावर समेत अन्य लगभग 17-18 प्रकार की जड़ी बूटियों व कई महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटियों की खेती करते हैं।

 

हेलीकॉप्टर से होगी खेती!

डॉ. राजाराम त्रिपाठी बताते हैं कि रॉबिंसल कंपनी के हेलीकॉप्टर की मदद से काली मिर्च की खेती को आसान बनाया जाएगा। दरअसल, काली मिर्च के पौधों की लताएं पेड़ों पर बहुत ऊंचाई तक चली जाती हैं। जिनपर दवा और पानी का छिड़काव करना संभव नहीं हो पाता है। हेलीकॉप्टर इस काम को आसान बनाएगा। इसकी मदद से ऊचांई से दवा और पानी का छिड़काव किया जाएगा।

कौन सा है हेलीकॉप्टर ?

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