छत्तीसगढ़

3. CG में कोयला खदान में ब्लास्टिंग 40 फीट ऊपर तक धूल ही धूल, कई घरों में दरारें; लोगों में नाराजगी

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कोयला खदान में हुई ब्लास्टिंग का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि, ब्लास्ट करके कोयला निकालने का काम किया जा रहा है। वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि कैसे ब्लास्ट के बाद आस-पास और ऊपर 40 फीट के ऊपर तक धूल ही धूल नजर आ रहा है। ब्लास्टिंग के बाद इलाके के कई घरों में दरारें आ गई हैं, कुछ घरों में कोयले भी गिरे हैं। मामला SECL के कुसमुंडा खदान का है।

कुसमुंडा खदान में इस तरह से आए दिन कोयला निकालने के लिए ब्लास्टिंग का काम किया जाता है। इसके लिए बारूद का इस्तेमाल होता है। फिर उसी बारूद के सहारे ब्लास्टिंग की जाती है। मगर इस बार ब्लास्टिंग का वीडियो सामने आया है। हालांकि यह वीडियो कब का है, ये पता नहीं चल सका है।

बताया गया है कि यह पूरा वीडियो कुसमुंडा खदान का है, जो पाली पड़निया गांव के आस-पास संचालित है। इसके आस-पास हरदीबाजार, अमगांव, सोनपुरी गांव है। जानकारी मिली है कि इस ब्लास्टिंग से कई घरों में नकुसान पहुंचा है। जिसके चलते लोग काफी नाराज हैं और शुक्रवार को खदान में विरोध करने ही पहुंच गए थे। उन्होंने कोयला डिस्पैच को बंद करने की मांग की है।

इस ब्लास्टिंग में पाली गांव के हरीश चंद्र, छेदीलाल सारथी, रामनारायण सारथी, गर्जन दास महंत, अवध दास महंत के घरों में नुकसान हुआ है। इन लोगों का कहना है कि ये गलत हो रहा है। हम कई बार इसका विरोध कर चुके हैं। इस तरह से ब्लास्टिंग की जाती है। हमारे घरों को नुकसान पहुंचाया जाता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है कि कोयला भी सीधे हमारे घरों में गिरता है। हमारे घरों के सीट भी टूट गए हैं। कई जगह दरारे हैं। हम कई बार इसको लेकर मांग कर चुके हैं कि या तो हमें दूसरी जगह विस्थापित कर दिया जाए या मुआवजा दिया जाए। मगर हमारी कोई नहीं सुनता है।

उधर, ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद प्रबंधन हरकत में आया है। प्रबंधन ने कहा है कि ब्लास्टिंग की तीव्रता को कम किया जाएगा। नुकसान की भरपाई की जाएगी। जिले में पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। कारण है कि पहले से ही जिले में कई इलाकों में खदान संचालित हैं। जहां इस तरह के ब्लास्टिंग की जाती है। इसके पहले भी कई इलाकों में लोग नाराजगी जता चुके हैं। फिर भी ये लगातार होते रहे हैं।

ब्लास्टिंग के बाद शव मिला

वहीं जशपुर जिले में भी लोग ब्लास्टिंग के कारण परेशान हैं। बताया गया है कि झरिया गांव में एक पत्थर खदान संचालित हैं। यहां भी इस तरह की ब्लास्टिंग की जा रही है। जिससे लोग परेशान हैं। कुछ घरों में कुछ सामान और घर के कुछ हिस्से भी टूट गए। वहीं गुरुवार को हुई ब्लास्टिंग से थोड़ी देर बाद एक युवक का शव गांव की डबरी में शव मिला है। इसलिए लोगों का मानना है कि खदान की ब्लास्टिंग के बाद खदान के छिटके हुए पत्थरों से उसकी मौत हुई है। इस कारण भी लोग नाराज हैं। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

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