छत्तीसगढ़
5. छत्तीसगढ़ की टेक्निकल यूनिवर्सिटी में छात्र इंजीनियरिंग के साथ अब कर सकेंगे बीबीए की पढ़ाई, ऐसे मिलेंगी दो डिग्रियां

भिलाई. छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खबर है। यह खबर उनके कॅरियर को ऊंचाइयों पर पहुंचा सकती है और यह है कि अब इंजीनियरिंग के साथ छात्र बीबीए मैनेजमेंट की पढ़ाई कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग कर रहे विद्यार्थी अब एक साथ दो डिग्रियां हासिल कर सकेंगे। बीटेक करते हुए उन्हें बीबीए की डिग्री भी मिलेगी। छत्तीसगढ़ में यह पहली मर्तबा होगा जब इंजीनियर को अलग से मैनेजमेंट की पढ़ाई करने की जरूरत नहीं होगी, विद्यार्थियों को उतने ही वक्त में दो डिग्रियां मिल जाएंगी। इसमें हैदराबाद स्थित जेएनटीयू विश्वविद्यालय साथ होगा।
हाईब्रिड मोड में होगी पढ़ाई
डबल डिग्री पाठ्यक्रम को हाइब्रीड मोड में चलाया जा सकेगा। जेएनटीयू हैदराबाद से 70 फीसदी ऑनलाइन और सीएसवीटीयू भिलाई (Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University ) से 30 फीसदी ऑफलाइन मोड से कक्षाओं का संचालन होगा। इसके अलावा बीटेक के दौरान पहले से पढ़ रहे विषयों के क्रेडिट ट्रांसफर के लिए भी विकल्प होगा। इंजीनियरिंग के छात्र प्रथम वर्ष से तीसरे वर्ष तक किसी भी सेमेस्टर में बीबीए के लिए नामांकन कर सकेंगे।
डबल डिग्री पाठ्यक्रम को हाइब्रीड मोड में चलाया जा सकेगा। जेएनटीयू हैदराबाद से 70 फीसदी ऑनलाइन और सीएसवीटीयू भिलाई (Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University ) से 30 फीसदी ऑफलाइन मोड से कक्षाओं का संचालन होगा। इसके अलावा बीटेक के दौरान पहले से पढ़ रहे विषयों के क्रेडिट ट्रांसफर के लिए भी विकल्प होगा। इंजीनियरिंग के छात्र प्रथम वर्ष से तीसरे वर्ष तक किसी भी सेमेस्टर में बीबीए के लिए नामांकन कर सकेंगे।
पहले शुरुआत यूटीडी के लिए
इंजीनियरिंग के साथ बीबीए यानी डबल डिग्री प्रोग्राम का लाभ पहले सीएसवीटीयू (Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University ) के टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) के विद्यार्थियों को मिलेगा। यूटीडी के विद्यार्थी इसमें नामांकन कर पाएंगे वहीं प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी यह व्यवस्था जल्द ही लागू हो जाएगी। विवि ने इस नई व्यवस्था को शुरू करने तैयारी कर ली है। कार्यपरिषद की बैठक में डबल डिग्री पाठ्यक्रम का एजेंडा पारित कराया जाएगा
इंजीनियरिंग के साथ बीबीए यानी डबल डिग्री प्रोग्राम का लाभ पहले सीएसवीटीयू (Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University ) के टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) के विद्यार्थियों को मिलेगा। यूटीडी के विद्यार्थी इसमें नामांकन कर पाएंगे वहीं प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी यह व्यवस्था जल्द ही लागू हो जाएगी। विवि ने इस नई व्यवस्था को शुरू करने तैयारी कर ली है। कार्यपरिषद की बैठक में डबल डिग्री पाठ्यक्रम का एजेंडा पारित कराया जाएगा
दोनों विश्वविद्यालयों के अधिकारियों ने की बैठक
सोमवार को जेएनटीयू हैदराबाद और सीएसवीटीयू भिलाई (Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University ) के प्रतिनिधियों के बीच इस संबंध में बैठक हुई। जिसमें नए नियमों पर चर्चा की गई। बताया गया कि इंजीनियरिंग और बीबीए दोनों का ही नियमित डिग्री कार्यक्रम के लिए नामांकन होगा। हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भी नई शिक्षा नीति के तहत इसकी मंजूरी दे दी है। इससे बीटेक के छात्रों को इंजीनियरिंग के साथ-साथ मैनेजमेंट सीखने में काफी फायदा होगा। रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। बैठक में सीएसवीटीयू (Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University ) से कुलपति डॉ एमके वर्मा, निर्देशक यूटीडी डॉ. पीके घोष शामिल हुए। वहीं जेएनटीयू हैदराबाद से कुलपति डॉ. एन रेड्डी और रजिस्ट्रार डॉ. मंसूर अहमद, डॉ सिंधु निदेशक प्रबंधन अध्ययन, डॉ माधवी निदेशक अकादमिक योजना आदि प्रोफेसर्स उपस्थित रहे।
सोमवार को जेएनटीयू हैदराबाद और सीएसवीटीयू भिलाई (Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University ) के प्रतिनिधियों के बीच इस संबंध में बैठक हुई। जिसमें नए नियमों पर चर्चा की गई। बताया गया कि इंजीनियरिंग और बीबीए दोनों का ही नियमित डिग्री कार्यक्रम के लिए नामांकन होगा। हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भी नई शिक्षा नीति के तहत इसकी मंजूरी दे दी है। इससे बीटेक के छात्रों को इंजीनियरिंग के साथ-साथ मैनेजमेंट सीखने में काफी फायदा होगा। रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। बैठक में सीएसवीटीयू (Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University ) से कुलपति डॉ एमके वर्मा, निर्देशक यूटीडी डॉ. पीके घोष शामिल हुए। वहीं जेएनटीयू हैदराबाद से कुलपति डॉ. एन रेड्डी और रजिस्ट्रार डॉ. मंसूर अहमद, डॉ सिंधु निदेशक प्रबंधन अध्ययन, डॉ माधवी निदेशक अकादमिक योजना आदि प्रोफेसर्स उपस्थित रहे।
वर्सन
डबल डिग्री पाठ्यक्रम की शुरुआत यूटीडी से होगी। जेएनटीयू देश की पुरानी तकनीकी यूनिवर्सिटी है, जिसकी एकेडमिक लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।डॉ. केके वर्मा कुलसचिव, सीएसवीटीयू
डबल डिग्री पाठ्यक्रम की शुरुआत यूटीडी से होगी। जेएनटीयू देश की पुरानी तकनीकी यूनिवर्सिटी है, जिसकी एकेडमिक लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।डॉ. केके वर्मा कुलसचिव, सीएसवीटीयू



