राष्ट्रीय

बाड़मेर पुलिस ने आम लोगों के विशेष पूजा-अनुष्ठान पर नहीं लगाई थी पाबंदी, हिंगलाज माता मंदिर का मामला

पुलिस ने बताया है कि यह प्रतिबंध आम लोगों पर नहीं बल्कि उन दो गुटों के विशेष धार्मिक आयोजन पर लगाया गया था, जिनके बीच पहले से विवाद चल रहा है। जानिए क्या है पूरा मामला और अब ताजा अपडेट

नवरात्रि के शुरू में खबर आई थी कि जोधपुर संभाग के बाड़मेर जिले में स्थित हिंगलाज माता के मंदिर में विशेष पूजा-अनुष्ठान पर रोक लगा दी गई है। अब इस मामले में पुलिस ने बताया है कि यह प्रतिबंध आम लोगों पर नहीं बल्कि उन दो गुटों के विशेष धार्मिक आयोजन पर लगाया गया था, जिनके बीच पहले से विवाद चल रहा है। नवरात्रि के दौरान विशेष अनुष्ठान पर प्रतिबंध की अपुष्ट खबर आने के बाद भाजपा नेता राजस्थान की गहलोत सरकार पर हमलावर हो गए थे। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कमेंट कर गहलोत सरकार को हिंदू विरोधी बताया जा रहा है। बहरहाल, फैक्ट चेक में खबर गलत साबित हुई है।

जानिए क्या है पूरा मामला

25 सितंबर को खबर आई थी कि हिंगलाज माता मंदिर में नवरात्रि के शुरू होने से पहले राजस्थान पुलिस का एक फरमान आया है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन के लिए कथित मनाही की गई है साथ ही आयोजन करने से पहले अनुमति लेने के लिए कहा गया है। आयोजन की मनाही को लेकर बाड़मेर के खत्री समाज के मंदिर को लेकर दो धड़ों में बटे होने का हवाला दिया गया था जिसके बाद नवरात्रि से पहले इस फरमान से प्रदेश की गहलोत सरकार निशाने पर है।

भ्रामक पत्र जारी होने पर सामने आई थी ये रिएक्शन

तब पत्र के वायरल होने के साथ ही बाड़मेर पुलिस और राजस्थान की गहलोत सरकार निशाने पर आ गए थे। पूर्व सांसद तरुण विजय ने ट्वीट के जरिए कहा था कि ‘ये हिंदुओं के लिए काला दिन है। जो बाजवा और शहबाज ने बलूचिस्तान के हिंगलाज माता मंदिर में नहीं किया वो गहलोत राजस्थान के हिंगलाज माता के मंदिर में कर रहे हैं। जितना हो सके उतना प्रदर्शन करिए।’ पत्र के वायरल होने के साथ ही बयानबाजी का दौर भी जारी हो गया था। लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे थे।

Related Articles

Back to top button