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विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए काम कर रही भूपेश सरकार, कबाड़ से जुगाड़ कर तैयार करें शिक्षण सामग्री

प्रतियोगिता आयोजन के लिए प्रस्तावित समय-सीमा के अनुसार स्कूल स्तर पर शिक्षकों द्वारा मूलभूत साक्षरता सीखने के लिए सामग्री निर्माण का कार्य आठ अक्टूबर से पहले करना है। संकुल स्तर पर स्कूलों द्वारा सहभागिता कर उत्कृष्ट सहायक शिक्षण सामग्री चयन के लिए प्रतियोगिता 15 अक्टूबर से पहले आयोजित करना होगा।

रायपुर।  स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने नया फार्मूला अपनाया है। राष्ट्रीय अविष्कार योजना के तहत अब शिक्षकों को कबाड़ से जुगाड़ करके शिक्षण सामग्री बनाने के लिए निर्देश दिए हैं। शिक्षण सामग्री तैयार करने स्कूल स्तर से लेकर जिला स्तर तक मेलों का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता की थीम मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान पर आधारित होगी।
प्रत्येक विकासखंड और जिला में प्रतियोगिता आयोजन के लिए 30-30 हजार रुपये का प्राविधान किया गया है। इन राशि के माध्यम से शिक्षक स्कूलों में भाषा सीखने, गणित सीखने, खिलौनों के माध्यम से सिखाने, अनुभव आधारित सीखने, कठपुतली और मुखौटों का उपयोग कर सिखाने, सिखने के लिए पाकेट बोर्ड और विभिन्न् प्रकार के फ्लेश कार्ड, चित्र-कहानियां, बिग-बुक, पोस्टर और प्रिंट-रिच वातावरण डिजाइन के लिए नमूने, डिजिटल शिक्षण सामग्री और आनलाइन सामग्री तथा आनलाइन नवाचारी बहुउपयोगी शिक्षण सामग्रियां तैयार की जा सकती है।
स्कूल शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा विभाग ने कबाड़ से जुगाड़ अंतर्गत मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान की थीम पर आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता के संबंध में सभी जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा को निर्देश जारी किए हैं। संबंधित अधिकारियों को प्रतियोगिता से संबंधित सभी कार्यों को स्कूल से लेकर जिला स्तर तक समय-सीमा में पूर्ण करने कहा गया है।
19 अक्टूबर तक चलेंगी प्रतियोगिताएं
प्रतियोगिता आयोजन के लिए प्रस्तावित समय-सीमा के अनुसार स्कूल स्तर पर शिक्षकों द्वारा मूलभूत साक्षरता सीखने के लिए सामग्री निर्माण का कार्य आठ अक्टूबर से पहले करना है। संकुल स्तर पर स्कूलों द्वारा सहभागिता कर उत्कृष्ट सहायक शिक्षण सामग्री चयन के लिए प्रतियोगिता 15 अक्टूबर से पहले आयोजित करना होगा। इसी प्रकार विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट सहायक शिक्षण सामग्री चयन प्रतियोगिता 22 अक्टूबर से पहले और जिला स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन 19 अक्टूबर से पहले करने कहा गया है।
स्कूल स्तर पर पहला चरण: प्रदेश की सभी प्राथमिक स्कूलों से प्रथम चरण में संकुल स्तर पर यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस दिन प्रत्येक स्कूल से रोचक और प्रभावी सहायक शिक्षण सामग्री बनाकर शिक्षक अपने संकुल में लेकर जाएंगे। संकुल में सहायक शिक्षण सामग्री की उपादेयता, अभियान सीखने में महत्वपूर्ण भूमिका, उपयोग में आसानी, रख-रखाव और लंबी अवधि तक उपयोग कर सकने की क्षमता आदि को ध्यान में रखते हुए उत्कृष्ट सहायक शिक्षण सामग्री का चयन किया जाएगा।
विकासखंड स्तर पर दूसरा चरण: द्वितीय चरण में यही प्रतियोगिता विकासखंड स्तर पर आयोजित की जाएगी। सभी संकुल से उत्कृष्ट चयनित सहायक शिक्षण सामग्री को विकासखंड स्तर पर आयेाजित मेले में प्रदर्शित किया जाएगा। विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट सहायक शिक्षण सामग्री का चयन किया जाएगा। तृतीय चरण में विकासखंड स्तर पर चयनित उत्कृष्ट सहायक शिक्षण सामग्री को जिला स्तर पर आयोजित मेले में प्रदर्शित किया जाएगा। जिला स्तर के इस मेले में उत्कृष्ट सहायक शिक्षण सामग्री का चयन होगा।
वैज्ञानिक सोच विकसित करने का लक्ष्य रखते हुए साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान की थीम पर प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए प्रदेशभर के अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है।

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