राष्ट्रीय

अरे दीवानो, मुझे पहचानो- मैं हूँ डॉन

ऐसी भी बायोपिक बन चुकी हैं कि आप समझ ही नहीं पाएंगे कि यह क्यों बनाई गई।

  • एम.डी. आरिफ की रिपोर्ट

माना जाता है कि अपना आधा बॉलीवुड रीमेक, सीक्वल और बायोपिक के गिर्द ही घूमता रहता है। इन निर्माताओं को लगता है कि ऐसी फिल्में बनाने से जोखिम घट जाता है। रीमेक के लिए वे दक्षिण भारतीय फिल्मों के अलावा हॉलीवुड, यूरोप, दक्षिण कोरिया और इजराइल तक की फिल्में छान मारते हैं। कुछ निर्माता कंपनियों ने तो अपने कई-कई लेखकों की टीम इसी काम में लगा रखी है कि रीमेक बनाने लायक फिल्में तलाशें और बायोपिक के लिए विभिन्न हस्तियों के जीवन पर रिसर्च करें। ऐसी भी बायोपिक बन चुकी हैं कि आप समझ ही नहीं पाएंगे कि यह क्यों बनाई गई।

इसी तरह, कोई फिल्म ज्यादा चल गई तो उसका सीक्वल बनाने को भी कम जोखिम वाला काम माना जाता है। इस सिलसिले में सुना है कि ‘कृष’, ‘टाइगर’, ‘दबंग’ आदि की तरह अब ‘डॉन’ का भी तीसरा भाग बनने वाला है। इसके दूसरे भाग में सह-निर्माता रहे फरहान अख्तर ऐसा सोच रहे हैं।

बताया जा रहा है कि इसमें रणवीर सिंह की भी छोटी सी भूमिका होगी और शाहरुख इसमें अपना डॉन का किरदार रणवीर सिंह को सौंप देंगे ताकि कभी ‘डॉन-4’ बनाई जाए तो रणवीर उसमें डॉन बन सकें। मतलब यह हुआ कि रणवीर सिंह भविष्य के डॉन हैं।

इस योजना के जानकारों का दावा है कि इस तीसरे भाग में अमिताभ बच्चन भी दिखाई देंगे। ध्यान रहे, पहली ‘डॉन’ में अमिताभ ही डॉन थे। दूसरे भाग में यह भूमिका शाहरुख को मिली थी। अब अगर ये दोनों भविष्य के डॉन रणवीर सिंह के साथ दिखाई देंगे तो एक मोस्ट वांटेड कहानी बनती है। सलीम-जावेद की पटकथा से भी बेहतर। और फरहान अख्तर से बेहतर इसे कौन समझ सकता है।

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