1. चार तस्करों को 20-20 साल की सजा के साथ दो-दो लाख का जुर्माना, पांच साल पहले ट्रक में गांजा तस्करी करते हुए थे गिरफ्तार

रायपुर। पांच साल पहले केशकाल घाटी में एक ट्रक में गांजा की तस्करी के मामले में आरोपितों की सजा सुनाई है। जानकारी के मुताबिक राज्य आसूचना निदेशालय (डीआरआइ) की टीम के हत्थे चढ़े ट्रक चालक समेत चार गांजा तस्करों को एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार श्रीवास्तव ने 20-20 वर्ष सश्रम कारावास के साथ ही दो-दो लाख रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है। गांजा तस्करों में तीन उत्तर प्रदेश के बांदा जिले और ट्रक चालक ओडिशा के मलकानगिरी का रहने वाला है।
चालक से पूछने पर उसने ट्रक में नमक की बोरियों के नीचे गांजा रखा होना कबूल किया। उसने कार क्रमांक यूपी 90 एन 5172 में सवार तीन तस्करों के निर्देश पर ट्रक को पीछे-पीछे लेकर आने की भी जानकारी दी। ट्रक की तलाशी लेने पर 232 पैकेट में भरा 1,880 किलो गांजा बरामद किया गया। मामले में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मोहल्ला कालुकुआ निवासी बलदेव प्रसाद गुप्ता (42), 148 बिभर थोक, तहसील बाबेरू, बांदा के चंद्रशेखर शिवहरे (42), प्रभाकरनगर हाउसिंग बाबेरू बांदा निवासी शिवशंकर गुप्ता (28) और ओडिशा के मलकान गिरी जिले के ग्राम रामराज गिरी (मनियम कोंडा) निवासी ट्रक चालक बुद्वु कृषाणी (38) को गिरफ्तार किया गया।
डीआरआइ की ओर से एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया गया।शनिवार को न्यायाधीश ने सुनवाई करते हुए चारों आरोपितों के खिलाफ पेश किए गए ठोस सुबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर दोष सिद्व करार देते हुए 20-20 वर्ष सश्रम कारावास के साथ ही दो-दो लाख रुपये का जुर्माने की सजा से दंडित करने का फैसला सुनाया।



