छत्तीसगढ़

वार्ड 54 में अवैध प्लाटिंग का खेल बेखौफ जारी, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

रायपुर। राजधानी रायपुर के नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 54 इन दिनों कथित अवैध प्लाटिंग के कारण चर्चा में है। क्षेत्र में खुलेआम प्लॉट काटे जा रहे हैं, उनकी खरीद-फरोख्त हो रही है और बोरवेल खनन तक किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। इसके बावजूद अब तक किसी ठोस कार्रवाई का अभाव कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

नगर निगम और प्रशासनिक मंचों से लगातार यह कहा जाता रहा है कि अवैध प्लाटिंग को उसकी शुरुआती अवस्था में ही रोकना जरूरी है। स्वयं महापौर Meenal Choubey भी सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि अवैध प्लाटिंग शहर के सुनियोजित विकास के लिए खतरा है और इसे प्रारंभिक स्तर पर रोकना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन वार्ड 54 की स्थिति इन दावों से मेल नहीं खाती दिख रही है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित भूमि पर लगातार प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। लोगों को प्लॉट बेचने के प्रयास किए जा रहे हैं और भविष्य में आवासीय कॉलोनी बसाने की तैयारी भी जारी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि क्षेत्र में बोरवेल खनन जैसी गतिविधियाँ भी संचालित हो रही हैं, जो यह संकेत देती हैं कि विकास कार्य योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।
पार्षद की चुप्पी भी चर्चा का विषय
क्षेत्रवासियों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि वार्ड के जनप्रतिनिधि और संबंधित पार्षद ने इस पूरे मामले पर अब तक सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट रुख क्यों नहीं अपनाया। यदि अवैध गतिविधियाँ नहीं हो रही हैं तो स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, और यदि हो रही हैं तो उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी जनता को मिलनी चाहिए।
आज नहीं तो कल बनेगी बड़ी समस्या
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध प्लाटिंग को समय रहते नहीं रोका गया तो भविष्य में सड़क, नाली, पेयजल, विद्युत और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। जब लोग मकान बनाकर बस जाते हैं, तब प्रशासन के लिए कार्रवाई करना कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टियों से कठिन हो जाता है।
जिम्मेदारी तय होगी या नहीं?
अब सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि वार्ड 54 में चल रही कथित अवैध प्लाटिंग, प्लॉटों की बिक्री और बोरवेल खनन के लिए जवाबदेह कौन है? क्या नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, राजस्व विभाग और जनप्रतिनिधि इस मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे या फिर यह गतिविधियाँ यूँ ही चलती रहेंगी?
शहर की जनता अब जवाब चाहती है। यदि प्रशासन वास्तव में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ गंभीर है, तो वार्ड 54 की स्थिति उसकी परीक्षा बन चुकी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करते हैं या फिर नियमों की अनदेखी का यह सिलसिला जारी रहता है।

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