छत्तीसगढ़

“अवैध निर्माण पर मौन क्यों? महापौर मीनल चौबे की कार्यशैली पर उठे बड़े सवाल”

अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर घिरीं मीनल चौबे — सवालों के घेरे में निगम की कार्यप्रणाली
रायपुर नगर निगम क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों ने अब निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में बिना अनुमति व्यावसायिक परिसरों, होटल और भवनों के निर्माण को लेकर आम नागरिकों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि कई निर्माण कार्य बिना वैध नक्शा, अनुज्ञा और लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

सबसे बड़ा सवाल अब यह उठ रहा है कि क्या महापौर मीनल चौबे अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर नियंत्रण करने में असफल साबित हो रही हैं, या फिर प्रभावशाली लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है?
अमोरा पार्क और THD होटल पर उठे सवाल
जोन क्रमांक 10 स्थित “अमोरा पार्क” को लेकर लंबे समय से अवैध निर्माण के आरोप लगाए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला सामने आने और शिकायतें होने के बावजूद अब तक निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई। वहीं प्रोग्रेसिव पॉइंट स्थित कथित “THD होटल” को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो निगम प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
शहरवासियों का आरोप है कि गरीब और छोटे व्यापारियों पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन बड़े और प्रभावशाली लोगों के मामलों में निगम का रवैया नरम दिखाई देता है। इससे निगम प्रशासन की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


क्या निगम प्रशासन पर बढ़ रहा राजनीतिक दबाव?
नगर निगम की बैठकों और सार्वजनिक मंचों पर महापौर द्वारा कई बार यह कहा गया कि अवैध अतिक्रमण और भ्रष्टाचार को “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। अब जनता पूछ रही है कि क्या ये केवल बयानबाज़ी थी या वास्तव में कार्रवाई की इच्छाशक्ति का अभाव है?
यदि अवैध निर्माण साबित हो चुके हैं, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं?
क्या रसूखदार लोगों पर हाथ डालने से निगम प्रशासन डर रहा है?
जनता के बीच बढ़ता असंतोष
रायपुर की जनता अब यह सवाल पूछने लगी है कि क्या महापौर पद पर बैठी मीनल चौबे शहर की व्यवस्थाओं को संभाल पाने में सक्षम हैं? या फिर नगर निगम की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावशाली लोगों के दबाव में काम कर रही है?
अब निगाहें निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आने वाले दिनों में अवैध निर्माणों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक एवं प्रशासनिक विवाद बन सकता है।
अमन प्रकाश न्यूज़ इस पूरे मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए है। आने वाले अंकों में यह भी देखा जाएगा कि निगम प्रशासन अपने दावों पर कितना अमल करता है और क्या वास्तव में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होती है या फिर सब कुछ केवल कागज़ों तक सीमित रह जाता है।

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