छत्तीसगढ़

सीढ़ी तोड़ी, मकान पर चुप्पी,नगर निगम जोन क्रमांक 6 की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल?

“नोटिस एक को, संरक्षण दूसरे को? दो साल से भटक रहा वार्ड 59 का नागरिक”

रायपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 59 के निवासी विनय ताम्रकार ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जोन क्रमांक 6 द्वारा उनके साथ भेदभावपूर्ण कार्रवाई की गई, जबकि उसी मामले में अन्य लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है।

विनय ताम्रकार के अनुसार, लगभग दो वर्ष पूर्व उन्हें नोटिस जारी कर यह कहा गया था कि उन्होंने सरकारी गली में अवैध रूप से सीढ़ी का निर्माण किया है। नोटिस के बाद निगम ने उनकी सीढ़ी को तोड़ भी दिया। लेकिन उसी गली में एक अन्य व्यक्ति द्वारा पूरी तरह कब्जा कर निर्माण कार्य कर लिया गया, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।


इस संबंध में विनय ताम्रकार ने कई बार जोन क्रमांक 6 में आवेदन देकर मांग की कि जिस प्रकार उनकी सीढ़ी को हटाया गया, उसी प्रकार अन्य अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की जाए। उनका आरोप है कि पिछले दो वर्षों से उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है। हर बार अधिकारियों द्वारा “अगले शुक्रवार” को समस्या के समाधान का भरोसा दिया जाता है, लेकिन कार्रवाई आज तक नहीं हुई।
विनय ताम्रकार ने इस मामले की शिकायत रायपुर की महापौर मीनल चौबे से भी की, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे उन्होंने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
उनका कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि प्रशासन की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़ा है। यदि एक ही गली में अलग-अलग लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जा रहा है, तो यह स्पष्ट रूप से दोहरी नीति को दर्शाता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या रायपुर नगर निगम इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करेगा, या फिर विनय ताम्रकार को न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
मामले ने स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना लिया है, और आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है।

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