अमोरा पार्क विवाद गहराया—दो नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं, अब पार्षद की भूमिका पर नजर

रायपुर। रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 10 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 49 में स्थित “अमोरा पार्क” का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अवैध निर्माण को लेकर शिकायत के बाद निगम द्वारा दो बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भी संचालक की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने से प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम जोन 10 ने अमोरा पार्क संचालक को भूमि स्वामित्व, भवन निर्माण अनुमति और स्वीकृत नक्शे से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। लेकिन दो बार नोटिस मिलने के बाद भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
निगम की छवि पर असर

इस पूरे प्रकरण ने न केवल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि वार्ड क्रमांक 49 की पार्षद डॉ. अनामिका सिंह की छवि को भी प्रभावित करने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती है, तो इसका सीधा असर जनप्रतिनिधि की साख पर पड़ता है।
क्या पार्षद को है जानकारी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पार्षद डॉ. अनामिका सिंह को इस मामले की पूरी जानकारी है? और यदि है, तो क्या वे इस पर सख्त रुख अपनाते हुए जोन 10 के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देंगी कि उनके वार्ड में किसी भी प्रकार का दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा?
कार्रवाई की मांग तेज
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई प्रभावशाली व्यक्ति।
अब आगे क्या?
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्षद डॉ. अनामिका सिंह इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं और क्या नगर निगम जोन 10 इस प्रकरण में ठोस कार्रवाई करता है या नहीं।
फिलहाल, “अमोरा पार्क” का यह मामला नगर निगम की कार्यशैली और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही दोनों पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।



