4. गंगरेल बांध क्षेत्र में वाटर एंबुलेंस सेवा, डुबान क्षेत्र को बड़ी राहत

धमतरी: दूरस्थ एवं डुबान प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गंगरेल बांध क्षेत्र में “वाटर एंबुलेंस सेवा” की शुरुआत की है. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने डुबान क्षेत्र के विभिन्न गांवों का सघन दौरा कर ग्रामीणों से चर्चा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए.
50 किलोमीटर का सफर वाटर एंबुलेंस से सिर्फ 7 किलोमीटर
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि अब तक डुबान क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर इलाज मिलना चुनौतीपूर्ण हो जाता था. नई वॉटर एंबुलेंस सेवा शुरू होने से अब जलमार्ग के जरिए स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी से उपलब्ध हो सकेंगी. पहले जहां जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए लगभग 50 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, वहीं अब यह दूरी घटकर मात्र 7 किलोमीटर रह जाएगी.
32 गांववालों को मिलेगा वाटर एंबुलेंस सर्विस से फायदा
कलेक्टर ने जानकारी दी कि वाटर एंबुलेंस सेवा से 7 पंचायतों के करीब 32 गांवों के हजारों ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे. वॉटर एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों को लगभग 45 मिनट में धमतरी पहुंचाया जा सकेगा, जिससे आपात स्थिति में समय पर उपचार संभव हो सकेगा और जीवन रक्षा की संभावनाएं बढ़ेंगी. सेवा के सुचारू संचालन के लिए शीघ्र ही टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा.
हरफर गांव में पर्यटन का होगा विकास
कलेक्टर ने कहा कि यह केवल परिवहन सुविधा नहीं बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए एक जीवनरक्षक पहल है. जिला प्रशासन का लक्ष्य अंतिम छोर पर बसे लोगों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और आवश्यक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है. आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार कर इसे और ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा. दौरे के दौरान कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने हरफर गांव की प्राकृतिक सुंदरता को देखते हुए इसे संभावित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में रेस्टोरेंट, बोटिंग, होम-स्टे एवं पर्यटकों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें.
कलेक्टर ने ये भी कहा कि धमतरी जिला प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और योजनाबद्ध विकास के माध्यम से इसे पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख पहचान दिलाई जा सकती है. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी.



