बजट 2026-27 से पहले महिला उद्यमियों की बुलंद आवाज
महिला चेम्बर का प्री-बजट ‘संवाद’, ऋण सीमा बढ़ाने से लेकर 10% सरकारी खरीद कोटा तक रखीं बड़ी माँगें

रायपुर, 23 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में आज शाम 5 बजे चै. देवीलाल व्यापार उद्योग भवन, बाम्बे मार्केट, रायपुर में महिला चेम्बर पदाधिकारियों एवं महिला पत्रकारों के बीच प्री-बजट सत्र “संवाद” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में महिला उद्यमियों ने बजट 2026-27 को लेकर अपनी ठोस और व्यावहारिक माँगें सरकार के समक्ष रखने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
💼 वित्तीय प्रोत्साहन और ऋण में बड़ी मांग
महिला चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ईला गुप्ता ने बताया कि बजट 2026-27 में महिला व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निम्न प्रस्ताव रखे जाएंगे—
ऋण सीमा वृद्धि:
व्यापारिक परियोजनाओं के लिए ₹10 लाख की वर्तमान सीमा को बढ़ाकर ₹25 लाख तथा सेवा क्षेत्र के लिए ₹50 लाख तक करने की माँग।

ब्याज अनुदान:
7–8 वर्षों के लिए अदा किए गए ब्याज का 65–75% या लोन का 7–8% (जो भी कम हो) विशेष अनुदान।
महतारी शक्ति ऋण योजना अपग्रेड:
बिना गारंटी ऋण सीमा ₹25,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की माँग।
⚡ कर राहत और लागत में छूट
बिजली शुल्क माफी:
महिला संचालित नए उद्योगों के लिए 10-12 वर्षों तक बिजली शुल्क में छूट।
SGST रिइम्बर्समेंट:
15 वर्षों तक नेट SGST प्रतिपूर्ति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग।
🏭 बाजार पहुंच और बुनियादी ढांचा
विशेष महिला औद्योगिक पार्क:
रायपुर, भिलाई और बिलासपुर में केवल महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित इंडस्ट्रियल क्लस्टर स्थापित करने की मांग।
SHE & Marts का शहरी विस्तार:
ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी प्रमुख बाजारों में भी सामुदायिक खुदरा आउटलेट खोलने का प्रस्ताव।
सरकारी खरीद में प्राथमिकता:
महिला संचालित MSMEs के लिए सरकारी टेंडरों में 5–10% अनिवार्य कोटा।
💻 तकनीकी और डिजिटल सशक्तिकरण
ONDC सहायता:
महिला व्यापारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग, कैटलॉगिंग और लॉजिस्टिक्स के लिए विशेष अनुदान।
क्वालिटी सर्टिफिकेशन सब्सिडी:
ISO/AGMARK जैसे प्रमाणन पर 80% तक सब्सिडी (अधिकतम ₹15 लाख) की मांग।
🛡 सुरक्षा और कार्यस्थल सुविधाएँ
नाइट शिफ्ट सुरक्षा फंड:
महिलाओं को नाइट शिफ्ट में कार्य की अनुमति के साथ सुरक्षा (CCTV, गार्ड, परिवहन) हेतु विशेष सरकारी फंड की मांग।
👥 कार्यक्रम में रही उल्लेखनीय उपस्थिति
प्री-बजट “संवाद” में महिला चेम्बर अध्यक्ष डॉ. ईला गुप्ता, महामंत्री मनीषा तारवानी, कोषाध्यक्ष नम्रता अग्रवाल, प्रभारी श्री तिलोकचंद बरड़िया, कार्यकारी अध्यक्ष मंजुषा पटले सहित अनेक पदाधिकारी एवं सलाहकारगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने और राज्य की अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
📌 निष्कर्ष
प्री-बजट सत्र “संवाद” के माध्यम से महिला चेम्बर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बजट 2026-27 में महिला उद्यमियों को केवल प्रतीकात्मक घोषणाएँ नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक और संरचनात्मक समर्थन की आवश्यकता है।
अब निगाहें राज्य और केंद्र सरकार पर हैं कि इन महत्वपूर्ण सुझावों को बजट में कितना स्थान मिलता है।



