
विकास नन्द की रिपोर्ट ……
सरायपाली विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी चातुरी नंद को हार का सामना करना पड़ सकता है सूत्रों की मानें तो वह गांड़ा समाज, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और लोगों को मैनेज नहीं कर पा रहे हैं जिसके कारण बहुसंख्यक कार्यकर्ता निराश दिखाई दे रहे हैं कांग्रेस की निराशा यह भी है कि विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबला है वर्तमान विधायक किस्मत लाल नंद जो जनता जोगी कांग्रेस से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं तो भाजपा ने सरला कोसरिया पर भरोसा जताया है पूर्व जिला पंचायत सदस्य व युवा लोकप्रिय नेता डोलचंद पटेल ने भी अपना निर्दलीय प्रत्याशी अजीत चौहान को मैदान में उतारा है जिससे कांग्रेस प्रत्याशी को सीधे टक्कर मिल रही है
सरायपाली विधानसभा में लगभग कांग्रेस का पत्ता साफ दिखाई दे रहा है पिछले चुनाव में सरायपाली विधानसभा की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया था लेकिन कांग्रेस के प्रतिनिधि आमजन से व्यक्तिगत संबंध बनाने में और आमजन को साधने में कहीं ना कही असफल दिखाई दे रहे हैं कांग्रेस ने नए चेहरे चातुरी पर दांव लगाया है तो वहीं किस्मत लाल नंद ने पार्टी से बगावत कर जोगी जनता दल से चुनाव मैदान में हैं जिसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है

तो वहीं भाजपा की प्रत्याशी सरला कोसरिया ने क्षेत्र में अपनी पहचान गायत्री परिवार से जुड़कर सुलझी हुई राजनेत्री व जनसेविका के रूप में बनाई है और आमजन में खासी लोकप्रिय है क्षेत्र की जनता ने हमेशा भाजपा और कांग्रेस को सरप्राइज़ गिफ्ट दिया है बहरहाल सरायपाली विधानसभा की जनता किसके सिर पर जीत का ताज रखती है ये तो 3 दिसंबर को ही पता चलेगा लेकिन सरायपाली विधानसभा में हमेशा परिवर्तन कर जनता ने राजनीतिक ज्योतिषियों का गणित बिगाड़ा हैं और सरायपाली विधानसभा में किसी भी दल या व्यक्ति को लगातार दोबारा मौका नहीं दिया है



