छत्तीसगढ़

11 दिन बाद खुला CG-आंध्र-तेलंगाना मार्ग:गोदावरी-शबरी का जलस्तर हुआ कम, इधर दंतेवाड़ा में डुमाम नदी उफान पर, 12 से ज्यादा मकान ढहे

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के कुछ जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। मगर कई जिलों में बारिश फिलहाल थमी हुई है। अच्छी बात यह है कि गोदावरी शबरी नदी का जलस्तर भी अब कम हो रहा है। जिससे 11 दिनों तक बंद रहा नेशनल हाईवे 30 अब खुल गया है। सुकमा जिले के कोंटा के रास्ते छ्त्तीसगढ़ को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से जोड़ने वाली नेशनल हाईवे से शनिवार को आवाजाही शुरू हो गई हैं। बाढ़ के पानी में फंसे वाहन चालकों को अब राहत मिली है।

दरअसल, तेलंगाना के भद्राचलम में गोदावरी नदी में बढ़े जल स्तर की वजह से शबरी नदी में बैक वाटर की समस्या बनी थी। इसी वजह से कोंटा से लगे आंध्र प्रदेश के वीरापुरम में NH-30 जलमग्न हो गई थी। सड़क पर लगभग 6 फीट पानी चढ़ गया था। जिससे कोंटा के रास्ते छत्तीसगढ़ का आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से संपर्क टूट गया था। 11 दिनों तक सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इनमें ट्रक की संख्या अधिक थी। ट्रक चालकों की मानें तो उन्हें 11 दिन तक काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। कोंटा के रास्ते छ्त्तीसगढ़ को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से जोड़ने वाला यह मार्ग व्यापार का भी प्रमुख मार्ग है, जो 11 दिन बाद खुला है।
शुक्रवार तक गोदावरी नदी का जल स्तर खतरे के निशान यानी 53 फीट को भी पार हो गया था। जिससे शबरी नदी में बैक वाटर की समस्या बनी हुई थी। दो महीने में यह दूसरी बार था कि गोदावरी नदी के उफान पर होने की वजह से शबरी में बाढ़ की स्थिति बनी थी। इससे पहले जुलाई महीने में 8 दिनों तक NH-30 बंद रहा था। इस बार शबरी का जलस्तर पहले खतरे के निशान 13.800 मीटर तक बढ़ गया था। हालांकि, शनिवार की सुबह तक धीरे-धीरे बारिश का पानी कम होने लगा।

कहीं बदली तो कहीं हो रही रिमझिम बारिश

बस्तर में शनिवार की दोपहर तक दंतेवाड़ा, जगदलपुर समेत कुछ जिलों में बदली छाई रही। कोंडागांव और नारायणपुर जिले में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश हो रही है। इधर दंतेवाड़ा के कटेकल्याण में डुमाम नदी के उफान पर होने से 30 से ज्यादा ग्रामीणों की 50 एकड़ फसल का नुकसान हो गया है। 12 से ज्यादा मकान भी ढह गए हैं। ग्रामीणों ने मुआवजा के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है।

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