5. प्रदेश सूचना आयुक्त ने अफसरों पर लगाया 85 लाख का जुर्माना, 3 हजार से ज्यादा केसों में बरती गई लापरवाही

रायपुर। प्रदेश के सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने आरटीआई आवेदकों को समय पर सूचना न देने एवं अधिकारियों की लापरवही बरतने पर कार्रवाई की है। सूचना आयुक्त ने जिले के सूचना अधिकारियों पर जुर्माने लगाने का आदेश जारी भी किया है।
अधिकारियों पर 85 लाख का जुर्माना लगाया
जारी आदेश में दिया गया है कि पिछले ढाई साल में साढ़ें तीन हजार से ज्यादा प्रकरणों में लेटलतीफी के चलते है 85 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
बता दें कि इस जुर्माने के लिए सूचना आयुक्त के कोर्ट ने आदेश जारी किया है जिसमें साल 2021 से लेकर सितंबर 2023 तक के मामलों का जिक्र किया गया है।
इन अधिकाकियों पर लगा है जुर्माना
जिन आधिकारियों पर यह जुर्माना लगाया गया है उनमें संयुक्त कलेक्टर, तहसीलदार, सीईओ जनपद पंचायत, खंड शिक्षा अधिकारी, खनिज अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के जनसूचना अधिकारी और ग्राम पंचायतों के सचिव भी शामिल हैं।
सूचना देने में बरती गई लापरवाही
साथ ही प्रथम अपीलीय अधिकारी यानी वे अफसर जिनको सर्वप्रथम सूचना देनी होती है आवेदन फाइल होने पर लेकिन इन अफसरों ने ढीलाशाही बरती है जिसके चलते अब आयोग इन अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करने जा रहा है।
30 दिनों के भीतर देनी होती है जानकारी
अधिनियम के तहत जन सूचना अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर आवेदकों को जानकारी देनी होती है सूचना का अधिकार अधिनियम 12 अक्टूबर 2005 से देश में लागू हुआ था।
इसका उद्देश्य नागरिकों को सूचना का अधिकार दिलाना, सरकार के कार्यकलापों में पारदर्शिता और जवाबदेही का संवर्धन करना, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और लोकतंत्र को वास्तविक रूप से जनता के लिए काम करने के लिए तैयार करना है।



