अंतागढ़ विधानसभा से नोहर सिंह उसेंडी है भाजपा के प्रबल दावेदार

छत्तीसगढ़ का कांकेर जिले का विधानसभा अंतागढ़ हमेशा ही सुर्खियों में रहता है इस बार भी चुनावी चर्चा का केंद्र बना हुआ है क्योंकि इस बार विधानसभा में स्थानीय मुद्दों को लेकर राजनीति किया जा रहा है यहां के पूर्व विधायक मंतू राम पवार निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं जिससे माहौल इस बार काफी गर्म है, वर्तमान में यहां कांग्रेस के विधायक अनूप नाग है जो वर्ष 2018 में बीजेपी के विक्रम उसेंडी को 13414 वोटो से पराजित कर विधायक बने थे
अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी समाज इस बार अपने क्षेत्र में युवा नेतृत्व चाहते हैं वे चाहते हैं कि इस बार एक आदिवासी युवक विधायक के रूप में चुना जाए जिसमें नोहर सिंह उसेंडी पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रबल दावेदार के रूप में देखे जा रहे हैं आदिवासी समाज का कहना है यदि भारतीय जनता पार्टी इस युवा नेता को अपना प्रत्याशी बनाती है तो पूरा आदिवासी समाज एकजुट होकर उनके पक्ष में वोट करेगा।
वर्तमान में अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व जनपद अध्यक्ष नोहर सिंह उसेंडी भाजपा के प्रबल दावेदार है 2018 में भी इन्होंने दावेदारी मजबूती से पेश की थी इस बार फिर से वह दावेदारी कर रहे हैं नोहर से हुसेंडी पलकोट क्षेत्र से है युवा और शिक्षित है लंबे समय से पार्टी और संघ से जुड़कर काम कर रहे हैं इनके पिता भी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी और संघ से जुड़कर क्षेत्र में कम कर रहे हैं नोहर सिंह उसेंडी अंतागढ़ क्षेत्र के एक लोकप्रिय एवं सक्रिय नेता हैं लगभग 450 आदिवासी क्षेत्रों में वह आदिवासी समाज का नेतृत्व कर रहे हैं अगर नोहर सिंह उसेंडी को भारतीय जनता पार्टी अंतागढ़ से प्रत्याशित घोषित करती है तो निश्चित रूप से वह इस बार कांग्रेस के विधायक पर भारी पड़ सकते हैं अब देखना है कि भारतीय जनता पार्टी क्या नोहर सिंह उसेंडी को अपना प्रत्याशी बनाएंगे?
क्योंकि इस बार भारतीय जनता पार्टी युवाओं और महिलाओं को लेकर नए प्रत्याशी के रूप में अब तक टिकट का वितरण किया है जिससे लग रहा है कि इस बार अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र से युवा प्रत्याशी के रूप में नोहर सिंह उसेंडी को भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी बन सकती है।



