4. संभाग स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का शुभारंभ, बस्तर संभाग के 2400 खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा

छत्तीसगढ़ की पारम्परिक खेल विधाओं की विरासत को पुनर्जीवित कर इन खेल विधाओं से नई पीढ़ी को जोड़ने का सार्थक प्रयास छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक है। इसकी शुरुआत कर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक पहल के साथ ही इन खेल विधाओं के जरिये गांव से शहर के प्रतिभाओं को उभरने का बेहतर अवसर सुलभ कराया है। जिससे छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में खिलाड़ी पूरे उत्साह के साथ प्रतिभा दिखा रहे हैं।
इस संभाग स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में बस्तर संभाग के सभी खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य स्तर में अपना परचम लहरायें और बस्तर का नाम रोशन करें। यह बात संसदीय सचिव रेखचन्द जैन ने स्थानीय लालबाग खेल मैदान में संभाग स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के शुभारंभ करने के पश्चात खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा।
इस अवसर पर कमिश्नर बस्तर संभाग श्याम धावड़े ने स्वागत उदबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें गांव से लेकर राज्य स्तर तक पारम्परिक खेलों के प्रतिभाओं को अपने दक्षता को प्रदर्शन करने मौका मिला है। इस संभाग स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में 16 विभिन्न खेल विधाओं में तीन आयु वर्ग के 2400 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
13 से 14 सितम्बर तक आयोजित दो दिवसीय संभाग स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक 2023 में कब्बडी, खो-खो, रस्साकशी, सँखली, पिट्ठूल, कंचा-बाटी, गिल्ली-डंडा, लंगड़ी दौड़, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, गेड़ी दौड़, रस्सीकूद, फुगड़ी, भौंरा, बिल्लस एवं कुश्ती खेल विधाओं में 18 से 40 वर्ष और 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभा रहे हैं।



