छत्तीसगढ़
3. व्यावसायिक पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ के बाहरी राज्यों का कोटा खत्म, स्थानीय को प्राथमिकता

रायपुर. प्रदेश में इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक, एमसीए, फार्मेसी, एमबीए समेत अन्य कोर्स की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने से पहले तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने प्रतिशत का कोटा खत्म कर दिया है। तकनीकी शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों ने इस बार व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के नियमों में संशोधन किया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस बार उम्र का कोई बंधन नहीं है। इसके साथ ही छात्रों के लिए आरक्षित सीटों का प्रतिशत कोटा (छत्तीसगढ़ 90, अन्य राज्य 10) खत्म कर दियागया है। प्रदेश के छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरे राज्यों के छात्रों के आवेदन पर उन्हें सीट अलॉट कर दी जाएगी।
10,276 सीटों पर दिया जाएगा प्रवेश
शिक्षा सत्र 2022-23 के दौरान आरक्षण विवाद की वजह से बीटेक, फार्मेसी, डिप्लोमा, एमसीए, एमबीए और एमटेक की करीब 33 फीसदी सीटें ही भर पाई थी। प्रवेश के लिए दो या तीन चरण की ही काउंसिलिंग हो पाई थी। स्पॉट राउंड में प्रवेश का सिलसिला शुरू होने के ठीक पहले ही काउंसिलिंग रोक दी गई। इसकी वजह से इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 64 प्रतिशत सीटें खाली रह गई थीं। इस साल राज्यभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 10,276 सीटों में प्रवेश दिया जाएगा।
शिक्षा सत्र 2022-23 के दौरान आरक्षण विवाद की वजह से बीटेक, फार्मेसी, डिप्लोमा, एमसीए, एमबीए और एमटेक की करीब 33 फीसदी सीटें ही भर पाई थी। प्रवेश के लिए दो या तीन चरण की ही काउंसिलिंग हो पाई थी। स्पॉट राउंड में प्रवेश का सिलसिला शुरू होने के ठीक पहले ही काउंसिलिंग रोक दी गई। इसकी वजह से इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 64 प्रतिशत सीटें खाली रह गई थीं। इस साल राज्यभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 10,276 सीटों में प्रवेश दिया जाएगा।
जीरो अंक लाने पर भी होगी सीट अलॉटराज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाना इस बार और आसान होगा, क्योंकि तकनीकी शिक्षा संचालनालय के जिम्मेदारों ने एडमिशन को लेकर नया नियम लागू कर दिया है। प्री इंजीनियरिंग टेस्ट में जीरो नंबर पाने वाले छात्र भी इंजीनियरिंग में प्रवेश के पात्र होंगे। यानी पीईटी में एक सवाल भी सही नहीं किया, तो भी एडमिशन हो जाएगा। पिछले साल तक इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए पीईटी में न्यूनतम 10 प्रतिशत नंबर पाना जरूरी था।
छात्रों को प्रवेश लेने में परेशानी ना हो, इसलिए नियमों में बदलाव किया गया है।संजय सिंघई, एडिशनल डायरेक्टर, तकनीकी शिक्षा
फैक्ट फाइलबीटेक- 10276
डिप्लोमा- 7599
फार्मेसी- 5698
एमटेक- 837
एमबीए- 1380
एमबीए- 360



