2. छत्तीसगढ़ियों को किडनी और लिवर के रोग ज्यादा, इसलिए ऑर्गन ट्रांसप्लांट में मुश्किलें

रायपुर : प्रदेश की 104 जिंदगियों को कैडेवर ट्रांसप्लांट करने वाले डोनर का इंतजार है। जानकारी जुटाने पर चौंकाने वाली बात सामने आई कि ये सभी लोग किडनी और लिवर के मरीज हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा लोगों को किडनी की दरकार है।
बता दें कि अगस्त महीने में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटो) के अस्तित्व में आने के साथ छत्तीसगढ़ में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की मंजूरी मिल गई है। यानी अब किसी का दिल, फेफड़ा, किडनी, लिवर समेत शरीर का कोई भी अंग खराब हो, ट्रांसप्लांट से उसकी जिंदगी बचाई जा सकती है।
सोटो के पास फिलहाल 104 लोगों का रजिस्ट्रेशन है।
दिक्कत ये है कि इन सभी को किडनी या लिवर की जरूरत है। यानी सोटो को इतने ही ज्यादा डोनर भी चाहिए। एक डोनर 2 किडनियां और 1 लिवर दान कर सकता है। फिलहाल प्रदेश में 81 मरीजों को किडनी, जबकि 24 मरीजों को लिवर की जरूरत है। इस लिहाज से कम से कम 41 डोनर चाहिए। लेकिन, बीते 9 महीने में केवल 3 डोनर ही सामने आए हैं। इनकी मदद से 9 जिंदगियां बचाई गईं।
दो अस्पतालों में ही 96 ब्रेनडेड मरीज आ चुके
स्टेट टिश्यू एंड ऑर्गन ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन के पास 104 लोगों ने ऑर्गन के लिए पंजीयन करवाया है। इधर, रायपुर के ही 2 अस्पतालों में डीकेएस मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल और आंबेडकर अस्पताल में ही इन 9 महीनों के दरम्यान 96 से ज्यादा ब्रेनडेड मरीज आ चुके हैं।
टॉपिक एक्सपर्ट:लिवर खराब होने का बड़ा कारण एल्कोहल
लीवर खराब होने के 3 बड़े कारण हैं। इसमें पहले नंबर पर एल्कोहल है। दूसरा कारण फैटी लीवर है। अधिक फास्ट फूड खाना, एक्सरसाइज बिलकुल नहीं करना से ये समस्या आती है। तीसरा कारण हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी है।
लीवर खराब होने से बचाना है तो दिनचर्या सुधारें। समय पर खाना, सही खाना बहुत जरूरी है। योगाभ्यास को नियमित दिनचर्या में शामिल करके भी हम बच सकते हैं।
डॉ. संदीप पांडेय, गैस्ट्रोलॉजिस्ट
किडनी अनियमित दिनचर्या से खराब हो रहीं
ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए हमारे पास 19 से 65 वर्ष के लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। ज्यादातर 30 से 50 वर्ष के बीच के हैं। किडनियां खराब होने का जो सबसे कारण उभरकर सामने आया है वो अनियमित दिनचर्या है।



