छत्तीसगढ़

सरपंचों की आंदोलन से विचलित सरकार,संगठन को विशेष पैकेज का ऑफर ,आदित्य उपाध्याय ने ठुकराया, रायपुर में 10 मई को फिर बैठक

एम. डी. आरिफ की रिपोर्ट…..

रायपुर। छ.ग. में चुनावी सरगर्मी तेज हुई भूपेश सरकार भेंट मुलाकात कार्यक्रम के जरिये जनता को अपनी उपलब्धिया बताने में लगी है जिसके जरिये सत्ता में वापसी कर सके। लेकिन ग्राम पंचायतो में अभी भी असंतोष के स्वर दिखाई पड़ रहे है जिसमे पंचायत सचिवो द्वारा डेढ़ माह से हड़ताल में बैठे है और सरपंचों में अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर अडिग है लगातार 1साल से विरोध व धरना प्रदर्शन कर रहे है। कुछ कांग्रेस समर्पित सरपंचो को छोड़कर लगभग 9000 पंचायतों के सरपंचों द्वारा विरोध के स्वर बुलंद है।

आदित्य उपाध्याय का कहना है हमारी 13 सूत्रीय मांगों में कई मांगे ऐसी है जो आने वाली सरपंच पीढ़ी को फायदा होगा और हमेशा हमारे संघ के इस प्रयास को याद किया जायेगा। यह प्रयास दलगत राजनीति से हटकर ग्राम विकास की प्राथमिकता के आधार पर लिया गया निर्णय है अतः आदित्य उपाध्याय ने कहा कि समस्त सरपंच साथी जिन्हे अहसास है की उनके ग्राम के लोगों ने उन्हें इस बाबत चुना है की वे उनके ग्राम की समग्र विकास के लिए समर्पित हो कर कार्य करेंगे तो ऐसे साथी हमारी रायपुर की बैठक में अवश्य शामिल होंगें। 10 मई को रायपुर के मायाराम सुरजन हॉल ,रजबंधा मैदान, बीजेपी कार्यालय के बाजु में 1 बजे रखी गई है।

अपनी मांगो को लेकर संघ कई बार पूर्व एवं वर्त्तमान पंचायत मंत्री से मुलाकात कर चुके है परन्तु हर बार निराश हुए है मुख़्यमंत्री से भी मुलाकात के बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर संग ने ठान लिया है अगर चुनाव से पहले मांगे पूरी नहीं हुई तो सगठन चुनाव में अपना प्रतिनिधि उतारने पर विचार कर रही है। जिससे विचलित होकर सरकार सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय को विरोध प्रदर्शन न करने की एवज में विशेष पैकेज देने की बात सामने आयी है लेकिन आदित्य उपाध्याय साफ कहना है कि मेरे सभी सरपंच साथियो की 13 सूत्रीय मांगे पूरी नहीं होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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