1. फ्रांस के प्रतिष्ठित सारबोन यूनिवर्सिटी ने किया CM भूपेश बघेल का सम्मान, मुखिया को मिली एक और डॉक्टरेट की उपाधि, देखें इवेंट की खास झलकियां

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को विश्वप्रसिद्ध सारबोन यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, फ्रांस द्वारा छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीमित एवं स्थानीय संसाधनों की उपयोगिता के साथ आगे बढ़ाने की विशिष्ट पहल के लिए डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया। इसके बाद कार्यक्रम का एंकरिंग कर रहे एंकर ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ में पूछा – डॉक्टरेट की उपाधि मिले के बाद आप ल कइसे लागत हे?
इसके जवाब में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जब काम करना शुरू किया तो बस ये चाह थी कि अच्छा काम करते रहना है। काम करते गए और रास्ता निकलता गया। ये उपाधि जरूर मुझे मिली है लेकिन इसके पीछे योगदान मेरे परिवार वालों का है। जनप्रतिनिधियों का है अधिकारी कर्मचारियों का है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के सभी मेहनतकश लोगों का सम्मान है जिन्होंने अपने श्रम से छत्तीसगढ़ को खड़ा किया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को होटल सायाजी में आयोजित सारबोन यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, फ्रांस के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपने संबोधन में कहा फ्रांस की प्रतिष्ठित सोरबोन यूनिर्विसिटी ने छत्तीसगढ़ शासन के विकास कार्यक्रमों को सराहा है, और मुझे आज डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा है, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
सीएम बघेल ने इसके बाद कहा कि फ्रांस के प्रतिष्ठित सारबोन यूनिवर्सिटी ने आज जो प्रदेश के नवाचरी कार्यों के लिए सम्मानित किया है। मैं इसके लिए आभारी हूँ। आज मेरा सम्मान हुआ है। मेरा परिवार भी साथ है। सबसे अच्छी बात है कि मेरा पोता भी साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे पास एक किताब विनोबा जी की है। उसमें उन्होंने लिखा है कि भारत में महात्मा गांधी, रविन्द्र नाथ, रामकृष्ण परमहंस जैसी विभूति रही हैं और उनका योगदान हमारी मनीषा को बनाने में है। बिना अस्त्र के लड़ाई की कल्पना संभव है क्या, महात्मा गांधी ने इसे साकार किया।



