छत्तीसगढ़

7. शरीर में लगातार हो रही है खुजली? हो सकता है लिवर प्रॉब्लम, जानें अन्य लक्षण

हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है लिवर। यह लगातार हमारे खून की गंदगी को साफ करता है और शरीर की बीमारियों से रक्षा करता है। ये रेड ब्लड सेल्स भी बनाता है और पोषक तत्वों का अवशोषण कर शरीर की ताकत बढ़ाता है। इसके अलावा ये खाना पचाने वाले बाइल , प्रोटीन और गुड कोलोस्ट्रॉल को बनाने का काम भी करता है। यही वजह है कि लिवर में हुई हल्की सी खराबी का असर पूरे शरीर पर दिखने लगता है।

लिवर की बीमारियां: कारण (Causes of liver disease)

आम तौर पर शराब लिवर को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। ज्यादा मात्रा में ड्रिंक करने से लिवर पूरी तरह डैमेज भी हो सकता है। इसके अलावा खाने-पीने की गलत आदतें भी लिवर की समस्या को बढ़ा सकती है। बाहरी तत्वों में हेपेटाइटिस बी और सी को लिवर के लिए बेहद घातक माना जाता है। साथ ही कोविड के कारण भी लिवर के डैमेज होने के कुछ मामले सामने आए हैं।

लिवर की बीमारियां: प्रकार (Types of liver disease)

डॉक्टरों के मुताबिक लिवर डिजीज कई प्रकार की होती है। इनकी शुरुआत फैटी लिवर से होती है। इसका मतलब होता है कि लिवर में जरूरत से ज्यादा वसा हो रही है, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है। मोटे बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। दुनियाभर में 4.2 प्रतिशत मोटे बच्चों में फैटी लिवर की समस्या है। कुछ मामलों में इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज भी फैटी लिवर का कारण बन सकती है। इसके अलावा लिवर सिरोसिस और हेपेटाइटिस भी लिवर की खतरनाक बीमारियों में शामिल हैं। बीमारी के गंभीर होने पर ये ऑर्गन खराब हो जाता है, जिसके बाद ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है।

लिवर की बीमारियां: लक्षण (Symptoms of Liver disease)

लिवर की बीमारी में लापरवाही खतरनाक है। ऐसे में इसके लक्षणों की जानकारी रखना जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक अगर लगातार त्वचा में खुजली होने की समस्या है तो ये लिवर की बीमारी भी हो सकती है। इसके अलावा भूख कम लगना, पेट में पानी भरना, यूरिन के रंग में बदलाव और पीलिया भी इसके लक्षण होते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिख रहा हो, तो फौरन डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

कैसे करें बचाव?

 

खान-पान की आदतों में बदलाव करें और डायट में नमक, चीनी और मैदा का कम से कम उपयोग करें।

सिगरेट और शराब का सेवन न करें। इससे लिवर को सबसे ज्यादा नुकसान होता है।

रोजाना कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज जरुर करें। शरीर को डिहाइड्रेट करते रहें।

पेट में दर्द रहने या यूरिन के रंग में पीलापन बढ़ने पर, फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

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