छत्तीसगढ़

8. सर्दियों में पालक, मेथी, बथुआ, सरसों का साग खाएं:बाल झड़ने से रोके, ब्लड प्रेशर, मोटापा कंट्रोल करे, इम्यूनिटी बढ़ाए

सर्दियां आते ही बाजार हरे-लाल साग से भर जाते हैं। साग स्वाद के साथ-साथ सेहत से भरपूर है। वजन कंट्रोल करने से लेकर, बाल झड़ने, स्किन प्रॉब्लम, शुगर, खून की कमी और इम्यून सिस्टम मजबूत करने तक में लाभदायक है। आइए, जानते हैं विटामिन्‍स, मिनरल्‍स, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट समेत विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर चौलाई, पालक, मेथी और सरसों का साग खाने का तरीका। सर्दियों में होने वाले इनके फायदे के बारे में जानते हैं डाइटीशियन डॉ. अनु अग्रवाल से।

पालक का साग

पालक में पोटेशियम, आयरन और अन्य विटामिन, मिनरल्स और फाइट्रो न्यूट्रीएंट्स पाए जाते हैं। ये शरीर में खून की कमी को दूर करता है। ठंड में शरीर में पानी की कमी को दूर करता है। अंदर से ऊर्जा देता है। वजन कम करने से लेकर अन्य मामलों में फायदेमंद है।

पालक का साग खाने के फायदे

  • एनर्जी बढ़ाए
  • इम्यूनिटी बढ़ाए
  • वजन कम करे
  • ब्लड प्रेशर नॉर्मल करे
  • हड्डियों को बनाता है मजबूत
  • प्रेग्नेंसी में पालक है फायदेमंद
  • आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद
  • शरीर में पानी और खून की कमी दूर करे

चौलाई का साग

ठंड में चौलाई का साग जरूर खाना चाहिए। इसमें पाए जाने वाले कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन ए और आयरन शरीर में विटामिन की कमी को दूर करते हैं। पेट के कई रोगों से लड़ने से लेकर स्किन, बालों की समस्याओं समेत शरीर के लिए फायदेमंद है।

चौलाई के साग के फायदे

  • स्किन प्रॉब्लम्स से राहत दे
  • खून की कमी दूर करे
  • यूरिन इंफेक्शन में राहत
  • पेट की बीमारियों से छुटकारा दिलाए
  • बालों की समस्याओं से निजात दिलाए
  • ब्लड प्रेशर और दिल के मरीज के लिए फायदेमंद
  • डिलीवरी के बाद महिलाओं में दूध की कमी को पूरा करे
साग में मौजूद न्यूट्रिशन मौसमी बीमारियों से दूर रखते हैं

बथुआ साग

बथुआ के साग में फाइबर, विटामिन ए, पोटेशियम, कैल्शियम समेत अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं जो पेट, हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद हैं।

बथुआ के साग के फायदे

  • चर्म रोग को करे दूर
  • पीलिया में फायदेमंद
  • हड्डियों के लिए फायदेमंद
  • खून साफ करने में मददगार
  • कब्ज की परेशानी को करे दूर
  • दांतों की परेशानी से निजात दिलाए
  • पेट के कीड़े खत्म करने में लाभकारी

सरसों का साग

सर्दियों में सरसों के साग का सेवन स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी लाभकारी है। 100 ग्राम सरसों के साग में 27 कैलोरी, 0.4 ग्राम फैट्स, 3.2 ग्राम फाइबर, 1.3 ग्राम शुगर, 358 मिलीग्राम पोटैशियम, 4.7 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए, बी12, सी, डी, आयरन, मैग्नीशियम व कैल्शियम जैसे तत्व पाए जाते हैं।

सरसों का साग खाने के फायदे

  • दिल के लिए फायदेमंद
  • मेटाबॉलिज्म ठीक करता है
  • गठिया जैसी बीमारी में लाभदायक
  • डायबिटीज रोगियों के लिए रामबाण
  • आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद
  • कैंसर की रोकथाम के लिए फायदेमंद
  • अस्थमा रोगियों के लिए लाभदायक

मेथी का साग

सर्दियों में हरी मेथी का साग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। डाइजेशन दुरुस्त करने से लेकर पेट संबंधी ज्यादातर प्रॉब्लम्स से निजात दिलाता है। इसके अलावा सर्दी और वायरल रोगों से लड़ने समेत शुगर और दिल बीमारियों में भी फायदेमंद है।

मेथी साग के फायदे

  • बालों के लिए फायदेमंद
  • पाचन तंत्र को बनाए बेहतर
  • इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार
  • वजन कम करने में सहायक
  • ब्लड शुगर लेवल करे कंट्रोल
  • गैस्ट्रिक समस्याओं को दूर करे
  • त्वचा की देखभाल के लिए जरूरी
  • कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मददगार
सहजन के पत्तों को गठिया, शुगर, दिल की बीमारी, सांस की प्रॉब्लम से निपटने के लिए डाइट में शामिल करें

सहजन का साग

सहजन के साग के बारे में कम ही लोग जानते हैं। सहजन के पत्ते विटामिन, प्रोटीन और सभी जरूरी अमीनो एसिड से भरपूर होते हैं। यह मौसमी साग है इसलिए हर सीजन में हो सकता है यह उपलब्ध न हो। गठिया, डायबिटीज, हदय रोग, सांस की समस्याएं, स्किन और पाचन विकार जैसी प्रॉब्लम्स से निपटने के लिए इस सीजनल साग को डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

​हेलेंचा साग

बंगाल का यह फेमस साग कड़वे स्वाद और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसके सेवन से नींद में सुधार के साथ वजन घटाने में मदद मिलती है। एंटीमाइक्रोबियल गुण होने के कारण यह त्वचा रोगों के उपचार में बहुत प्रभावी है।

​अरबी का साग

अरबी का साग या अरबी के पत्ते कहने को तो बेस्वाद होते हैं, लेकिन लोग इन्हें स्टीम या डीप फ्राई करके स्नैक्स के रूप में खाते हैं। इन्हें बनाने के लिए कई तरह के मसालों का इस्तेमाल होता है। अगर इनका सेवन रोजाना किया जाए, तो मोतियाबिंद होने की संभावना कम होती है। इसमें विटामिन सी की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिससे वाइट ब्लड सेल्स का निर्माण होता है। इतना ही नहीं, यह बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में भी पूरी मदद करता है।

​कलमी साग

कर्नाटक में कलमी साग काफी मशहूर है। इसे एनी सोप्पू नाम से जाना जाता है। बता दें कि यह पानी वाला पालक है, जो वजन घटाने में मदद करता है। यह कम कैलोरी वाला साग विटामिन , एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स से भरपूर है। यह आयरन की कमी से होने वाले ऑस्टियोपोरोसिस और एनीमिया को रोकने में भी कारगर है।

​गोनगुरा साग

यह साग हर जगह तो नहीं, लेकिन भारत के कई हिस्सों में पाया जाता है। कई लोग इसे खाना पसंद करते हैं। इसमें विटामिन, आयरन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट और फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व कई बीमारियों का इलाज हैं। आमतौर पर लोग इसका सेवन चटनी, अचार के रूप में ज्यादा करते हैं।

यहां बताए गए अलग-अलग तरह के साग में भले ही कोई स्वाद न हो, लेकिन ये हर रोग का बेहतरीन इलाज हैं। सीजन के मुताबिक पत्तेदार साग का सेवन करें और खुद को बीमार होने से बचाएं।

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