5. डायबिटीज में सफेद-ब्राउन चावल को लेकर क्यों हैं इतना कंफ्यूजन? डॉक्टर से समझ लें पूरा निचोड़,A से Z तक मिलेगी जानकारी

अक्सर वजन कम करने की बात आती है या फिर डायबिटीज को कंट्रोल करने की बात आती है तो सबसे पहले हमारा ध्यान चावल के सेवन पर जाता है। अक्सर हम वजन और डायबिटीज बढ़ने के लिए सफेद चावल को जिम्मेदार ठहराते हैं। हमारी डेली डाइट में हम सफेद चावल का सेवन करते हैं जिसके बारे में कई भ्रम और भ्रांतियां मौजूद है। हालांकि दोनों तरह के चावल की कैलोरी की बात करें तो ब्राउन चावल में 100 ग्राम सफेद चावल की तुलना में सिर्फ दो कैलोरी कम होती है। एक्सपर्ट से जानिए कि सफेद चावल की तुलना में ब्राउन राइज कैसे वजन को कंट्रोल करने और डायबिटीज को नियंत्रित करने में असरदार है।
ब्राउन राइस वजन नियंत्रण में कैसे मदद करता है
तमिलनाडु गवर्नमेंट मल्टी-सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल चेन्नई की आहार विशेषज्ञ, डॉ. मीनाक्षी बजाज कहती हैं कि ब्राउन राइस में कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट से ज्यादा प्रोटीन से आती है जो 9.16 ग्राम है। जबकि सफेद चावल में 75 प्रतिशत कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से आती है, और इसमें 7.94 ग्राम प्रोटीन होता है। इसके अलावा ब्राउन राइस पॉलिश और मिल्ड सफेद चावल के विपरीत भूसी से भरपूर होता है। ये फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं। ब्राउन राइस में फाइबर की मात्रा 4.5 ग्राम, सफेद चावल से 1.5 से 2 ग्राम अधिक होती है। फाइबर से भरपूर डाइट मोटापा कम करने के साथ ही डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी असरदार साबित होती है।
फाइबर का सेवन करने से पेट भरा हुआ महसूस होता है और भूख शांत रहती है। फाइबर से भरपूर फूड्स का सेवन करने से खाने से ब्लड में शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है जिससे ब्लड शुगर हाई होने का खतरा नहीं रहता। इसके अलावा फाइबर से भरपूर डाइट आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।
2016 में, न्यूट्रिशन जर्नल में एक शोध पत्र में पाया गया कि ब्राउन राइस खाने वाले बच्चों और वयस्कों दोनों का वजन हेल्दी था। एक अन्य अध्ययन में, 40 अधिक वजन वाली महिलाओं ने छह सप्ताह तक प्रति दिन 2/3 कप (150 ग्राम) ब्राउन राइस खाया, उनके शरीर के वजन और कमर की परिधि (waist circumference)में उन महिलाओं की तुलना में महत्वपूर्ण कमी आई, जिन्होंने सफेद चावल की समान मात्रा खाई थी।
ब्राउन राइज कैसे ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं
डॉ. बजाज के मुताबिक ब्राउन राइस पोषक तत्वों से भरपूर चावल है। ब्राउन राइस में पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, थायमिन, बी विटामिन, विशेष रूप से विटामिन बी 3 और विटामिन बी 6 भरपूर होता है। यह मैंगनीज और सेलेनियम में समृद्ध है। मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कम करता है। किसी भी फूड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स शुगर को कंट्रोल करने में मायने रखता है। ब्राउन चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 से भी कम है जो शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद है। अक्सर एक्सपर्ट डायबिटीज के मरीजों को ब्राउन राइस का सेवन करने की सलाह देते हैं।
पेट की समस्या है तो ब्राउन चावल से परहेज करें
संवेदनशील पेट वालों के लिए ब्राउन राइस आंत के अनुकूल नहीं है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम वाले लोगों को ब्राउन राइस से दूर रहना चाहिए। एक्सपर्ट के मुताबिक चावल की यह किस्म पोटेशियम और फास्फोरस से भरपूर होती है और किडनी के रोगियों के लिए उचित नहीं है।



