4. घर में एक्टिव रहने वाले बच्चे स्कूल में क्यों हो जाते हैं गुमसुम? पैरेंट्स को जरूर जाननी चाहिए वजह

कई पैरेंट्स इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनका बच्चा घर और अन्य जगहों पर तो लोगों के साथ खूब बातें करता है लेकिन स्कूल के माहौल में जाते ही अकेला, गुमसुम और चुपचाप हो जाता है. टीचर यह शिकायत करते हैं कि बच्चा ना तो अपने क्लासमेट की बातों का जवाब देता है और ना ही टीचर का. माइंडकैम्प्स अलाइंड केयर के डिप्युटी जेनरल मैनेजर रेजिना पान्ग के अनुसार, ऐसी बातें बच्चों में एक खास तरह की एंग्जायटी को दर्शाते हैं जो या तो स्कूल के वातावरण की वजह से होते हैं या घर के माहौल से. ऐसे में यहां हम आपको बताते हैं कि आखिर कैसे हालात में बच्चे स्कूल में बोलना बंद कर देते हैं.
बच्चे के परिवेश पर दें ध्यान
आप अपने बच्चे के सामाजिक परिवेश पर नजर रखें. इस बात पर ध्यान दें कि कहीं स्कूल में वह बुली का शिकार तो नहीं हो रहा. यह भी ध्यान दें कि दोस्तों के बीच कोई प्रॉब्लम तो नहीं हुई है.
घर का माहौल
कभी कभी माता पिता के बीच तनाव बढ़ना, घर का माहौल स्ट्रेस भरा होना भी बच्चे की मानसिकता पर बुरा असर डालते हैं जिसे वो बर्दाश्त नहीं कर पाता और स्कूल में चुपचाप हो जाता है.
पढ़ाई का दबाव
कई बार पढ़ाई का अत्यधिक दबाव बच्चे सहन नहीं कर पाते और अंदर ही अंदर घुटने लगते हैं. ऐसे में उन्हें पढ़ना या पढ़ाई के माहौल से ही एंग्जायटी महसूस होने लगता है.
कई बार क्लास के अंदर किसी तरह की दुर्घटना जैसे पेशाब हो जाना आदि. ऐसी शर्मनाक घटनाएं भी बच्चों को क्लास में असहज महसूस कराती हैं और वे अकेले रहना पसंद करते हैं.
क्लास में चुप बैठे रहने की एक और वजह यह भी हो सकता है कि वे शारीरिक रूप से किसी समस्या से जूझ रहे हों. ऐसे में आप इस विषय पर डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं.



