3. World Stroke Day 2022: युवाओं को हो रहा हार्ट अटैक, विश्व स्ट्रोक दिवस पर करेंगे जागरूक

प्रति वर्ष स्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए एवं इसके प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए 29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को स्ट्रोक के बारे में जागरूक कर स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों को समय पर उपचार कराने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस वर्ष विश्व स्ट्रोक दिवस की थीम “कीमती समय बचाएं’’ है, जिसका आशय स्ट्रोक आने के बाद समय रहते उसको पहचाने और बिना देरी किए चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना है।
स्ट्रोक दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम के जरिए लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाएगा। स्ट्रोक होने पर मरीज को यदि चार घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए और तुरंत इलाज शुरू हो जाए तो उसकी जिंदगी को बचाया जा सकता है। धूम्रपान, तंबाकू का सेवन, संतुलित खानपान के प्रति गंभीर नहीं होना, मोटापा, शराब या अन्य नशा का सेवन करने से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, दिमाग में जा रही धमनियों में कोलेस्ट्रोल के जमा होने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए संतुलित जीवनशैली को अपनाकर स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।
इसी के मद्देनजर जिला स्तर पर सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे। जिसमें स्ट्रोक क्यों होता है तथा इसके बचाव और उपचार के बारे में लोगों को विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। इस संबंध में एनपीसीडीसीएस (नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कन्ट्रोल ऑफ कैंसर, डायबिटीज, कार्डियोवैस्कुलर डिसीसेस एंड स्ट्रोक) के उप संचालक डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया देश में हर वर्ष 28 प्रतिशत लोगों की मृत्यु अनियमित जीवनशैली और खानपान की वजह से होने वाली गैर संचारी बीमारियों के कारण होती है। इनमें हृदय रोग के समान ही स्ट्रोक या मस्तिष्क घात भी एक है।



