छत्तीसगढ़
6. स्काईवॉक या मौत का पुल? रायपुर में बड़ी लापरवाही, पत्थरों के सहारे खड़ा ढांचा, कभी भी हो सकता है हादसा

छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्काई वॉक का निर्माण कार्य तेजी से तो चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य में बहुत लापरवाही बरती जा रही है. निर्माण एजेंसी ने ऐसा काम किया है, जिससे कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है और किसी की भी जान जा सकती है.
लोहे के पाइप के नीचे से खिसके पत्थर
निर्माण एजेंसी ने निर्माण के लिए स्काई वॉक के पास लोहे के पाइप लगाए हैं, लेकिन इसे पत्थरों के टुकड़ों के सहारे टिकाया गया है. कई जगहों पर तो पत्थर नीचे से खिसक गया है. ऐसे में कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है और लोहे के पाइप सड़क पर गिरने से यहां से रोजाना गुजरने वाले यात्री हादसे का शिकार हो सकते हैं. बड़ी लापरवाही से किसी की मौत भी हो सकती है.
निर्माण एजेंसी ने निर्माण के लिए स्काई वॉक के पास लोहे के पाइप लगाए हैं, लेकिन इसे पत्थरों के टुकड़ों के सहारे टिकाया गया है. कई जगहों पर तो पत्थर नीचे से खिसक गया है. ऐसे में कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है और लोहे के पाइप सड़क पर गिरने से यहां से रोजाना गुजरने वाले यात्री हादसे का शिकार हो सकते हैं. बड़ी लापरवाही से किसी की मौत भी हो सकती है.
भाजपा शासनकाल में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
राजधानी रायपुर में अंबेडकर अस्पताल से शास्त्री चौक होते हुए जय स्तंभ चौक तक स्काई वाक का निर्माण किया जा रहा है. निर्माण कार्य भाजपा शासन काल में शुरू हुआ था, लेकिन साल 2018 में कांग्रेस की सरकार आई और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने, तब इसे रोक दिया गया था. फिर वक्त बदला और साल 2023 में भाजपा की सरकार प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटी और इसका निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ.
राजधानी रायपुर में अंबेडकर अस्पताल से शास्त्री चौक होते हुए जय स्तंभ चौक तक स्काई वाक का निर्माण किया जा रहा है. निर्माण कार्य भाजपा शासन काल में शुरू हुआ था, लेकिन साल 2018 में कांग्रेस की सरकार आई और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने, तब इसे रोक दिया गया था. फिर वक्त बदला और साल 2023 में भाजपा की सरकार प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटी और इसका निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ.
ट्रैफिक से निजात पाने के लिए स्काईवॉक प्रोजेक्ट का हुआ था ऐलान
शास्त्री चौक के रायपुर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक माना जाता है. यहां पर पैदल यात्रियों को किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो. भीड़ और ट्रैफिक से मुक्ति दिलाने के लिए स्काईवॉक प्रोजेक्ट की घोषणा की गई थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को सड़क पार करने में सुरक्षा प्रदान करना था. इसके साथ ही शहर के सौंदर्य में इजाफा करना था. लेकिन लंबे अरसे के बाद भी अभी तक यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है और अधर में लटका हुआ है. शहरवासी लंबे समय से पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं.



