छत्तीसगढ़

6. महंगाई के घेरे में फिर आ सकता है टमाटर, बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

छत्तीसगढ़ में इन दिनों मानसून की विदाई हो रही है, लेकिन इस बार मानसून जाते-जाते किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है. दुर्ग संभाग में हो रही बारिश ने धान, टमाटर, और सोयाबीन की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है. लेकिन इन सबके बीच दुर्ग जिले में हो रही बारिश ने धमधा क्षेत्र के टमाटर किसानों की चिंता बढ़ा दी है. बारिश के चलते टमाटर में लगे फूल झड़ने लगे हैं.

इन फसलों में बारिश का पड़ रहा असर
छत्तीसगढ़ में तीन दिनों से बारिश हो रही है. लेकिन इस बारिश से किसानो को फायदा नहीं बल्कि नुकसान हो रहा है. किसानों ने जुलाई के अंतिम में टमाटर की बुवाई की थी. लेकिन लगातार हो रही बारिश ने किसानों के फसल को नुकसान पहुंचाया है. अपने खेतों में धान के अलावा टमाटर, करेला, गोभी, सेम और सोयाबीन जैसी फसलें ली जा रही है. टमाटर में फूल लग चुके हैं. लेकिनइस तरह बे मौसम बारिश से टमाटर की फसल बर्बाद हो रही है. इस साल अगर टमाटर की खेती में सुधार नहीं आया, तो बाजार में टमाटर की किमतों मे इसका असर देखने को मिल सकता है.

धमधा में होती है टमाटर की बम्पर पैदावार
दरअसल छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का धमधा ब्लॉक टमाटर की खेती के लिए जाना जता है. यहां के अधिकतर किसान आपमे खेतों में टमाटर की खेती करते है. कृषि विभाग के अनुसार छोटे बड़े 1200 किसान लगभग 9500 हेक्टेयर में टमाटर की खेती करते हैं. हर साल लगभग एक लाख मीट्रिक टन टमाटर का उत्पादन होता है. यहां से दिल्ली, मुम्बई, महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और यूपी के सब्जी मंडियों में टमाटर सप्लाई की जाती है.

अचानक हो रही बारिश ने किसानों की बढाई चिंता
कृषि प्रधान दुर्ग और बेमेतरा जिले में हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. बीते तीन दिन में पूरे जिले में करीब 10 मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है. इस बारिश से खेतों में तैयार हो चुके धान, सोयाबीन व टमाटर के फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है. ग्राम खंडसरा-मोहतरा में सब्जियों की खेती करने वाले किसान जालम सिंह पटेल और जाताघर्रा के मोहन साहु ने बताया कि ठंड के मौसम में टमाटर की सबसे अधिक पैदावार होती है. अचानक बारिश से सब्जी के फसलों में फल-फूल नहीं आ पा रहे है. बारिश से टमाटर के फूल झड़ रहें हैं, जबकि पौधे में फल-फूल लग चुका है.

बारिश से धान की कटाई हो रही प्रभावित
दुर्ग संभाग में बारिश का असर धान की फसल पर भी पड़ रहा है. धान की कुछ प्रमुख किस्म की फसलें कटाई के लिए तैयार हो चुकी है. लेकिन कटाई के लिए किसानों को बारिश थमने का इंतजार करना पड़ रहा है. ग्राम मोहतरा के किसान रामकुमार पटेल ने बताया किधान की कटाई शुरू करने वाले थे. लेकिन फिर से बारिश का शुरू हो गया है. ऐसे में धान पर असर पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि एक दो दिनों में मौसम साफ होने पर भी खेत गीला होने के कारण हार्वेस्टर खेतों तक नहीं पहुंच सकेंगे.

 

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