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नगर निगम की सीएम हेल्पलाइन में बढ़ ही बेवजह की शिकायतेंनगर निगम की सीएम हेल्पलाइन में बढ़ ही बेवजह की शिकायतें

कोई पड़ोसी के गाली-गलौज की शिकायत कर रहा तो, कोई कर रहा नेता को पार्टी से हटाने की मांग। इन शिकायतों का निपटारा नहीं करने से नगर निगम में भी शिकायतों की पेंडेसी लगातार बढ़ती है।

भोपाल-   मेरा पड़ोसी गाली-गलौज करता है। मारपीट करने की धमकी देता है। इसलिए मुझे उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाना है। ये किसी थाने की शिकायत नहीं बल्कि नगर निगम की सीएम हेल्पलाइन में पहुंचने वाली शिकायत है, जिसका नगर निगम से कोई वास्ता नहीं है। ये शिकायत बागसेवनियां में रहने वााली एक महिला ने की है। एक अन्य शिकायत में शिकायकर्ता ने कहा है कि भोपाल के एक पूर्व विधायक गरीबों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, इसलिए उन्हें पार्टी से हटा देना चाहिए। ये शिकायतें तो मात्र नमूना है। नगर निगम की सीएम हेल्पलाइन में ऐसी बेवजह की दस प्रतिशत शिकायतें प्रतिदिन आती है। जिससे नगर निगम में शिकायतों के बोझ के इनकी पेंडेंसी भी बढ़ती जा रही है।

बता दें कि सीएम हेल्पलाइन का शुभारंभ जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए किया गया है। इसके लिए जरुरी है कि संबंधित शिकायतें यथास्थान पर की जाए। लेकिन शिकायतकर्ता बिना समझें, 181 पर काल करके कुछ भी शिकायत कर रहे हैं। नगर निगम में बीते चार महीने में 24 हजार से अधिक शिकायतें प्रापत हुई हैं। इनमें करीब पांच प्रतिशत यानि 1200 से अधिक शिकायतें बेवजह की गई हैं, या तो फिर वो अन्य विभागों से संबंधित है। इन शिकायतों का समाधान करना नगर निगम के क्षेत्राधिकार से बाहर है। ऐसे में इनका समाधान करना अधिकारियों के बस की बात भी नहीं है। इन शिकायतों का निपटारा नहीं करने से नगर निगम में भी शिकायतों की पेंडेसी बढ़ती है। अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने के बाद नगर निगम के अधिकारी इन शिकायतों को फार क्लोज कर देते हैं।

सीएम हेल्पलाइन में आ रही इस प्रकार की शिकायतें

1. कोलार क्षेत्र में रहने वाली एक गर्भवती महिला को उसके पड़ोसी ने लिफ्ट में चढ़ने से मना कर दिया तो उसने नगर निगम की सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर दी। जबकि उसे पुलिस थाने या महिला थाने की मदद लेनी थी।

2. एक व्यक्ति किराए के मकान में रह रहा है। उसने सीएम हल्पलाइन में शिकायत कर निश्शुल्क घर देने की मांग की है।

3. चूनाभट्टी इलाके के एक रहवासी ने शिकायत में बताया कि बाढ़ की वजह से उसके घर का सारा सामान बह गया है। उसमें ज्वेलरी भी थी। अब वह शिकायत करके अपनी ज्वेलरी मांग रहा है।

4. एक शासकीय कालेज में वाईफाई की सुविधा नहीं है। इससे परेशान होकर कालेज के एक छात्र ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर वाइफाइ लगवाने की मांग की है।

5. निजी संस्थान में कार्यरत एक व्यक्ति को वेतन नहीं मिला तो उसने सीमए हेल्पलाइन में शिकायत कर दी। जबकि कायदे में उसे लेबर डिपार्टमेंट में शिकायत करनी थी।

6. पुणे में रहने वाले एक व्यक्ति ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर मांग की है कि भोपाल में रेहड़ी और हाथठेला वालों को रोजगार दिया जाए।

समाधान होने के बाद भी नहीं लेते शिकायत वापस

1. पुराने भोपाल में रहने वाले एक व्यक्ति ने उसके घर के पास नाली चोक होने की शिकायत की थी। समाधान होने के बाद जब नगर निगम कर्मियों ने श्किायत वापस लेने की बात कही तो उसने कहा कि पहले मोहल्ले की सफाई और बेसहारा जानवरों को शहर से बाहर करें।

2. अवधपुरी इलाके में एक शिकायतकर्ता ने सीवेज की शिकायत दर्ज कराई थी। निगम के स्वास्थ्य अमले ने इसका समाधान कर दिया। जब उससे शिकायत वापस लेने की बात कही गई तो उसने कहा कि फोन में रिचार्ज खत्म हो गया है। करवा दीजिए ताे शिकायत वापस ले लेंगे।

3. रायसेन निवासी एक युवक भोपाल आया था। उसने लोफ्लोर

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