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सोने का भाव धनतेरस-दिवाली तसोने का भाव धनतेरस-दिवाली तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच सकता है, महंगाई के पीछे चीन और तुर्कीक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच सकता है, महंगाई के पीछे चीन और तुर्की

भारत को सोने की सप्लाई करने वाले तीन विदेशी बैंकों ने आपूर्ति में कटौती कर दी है और ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए वह तुर्की और चीन को सोना बेच रहे हैं। इस वजह से सोना महंगा होगा।

नई दिल्ली-  Gold Outlook:  आम तौर पर त्योहारों में सोना महंगा हो जाता है, लेकिन इस बार घरेलू बाजार में यह त्योहारों की वजह से नहीं बल्कि तुर्की और चीन की वजह से गोल्ड रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच सकता है। दरअसल भारत को सोने की सप्लाई करने वाले तीन विदेशी बैंकों ने आपूर्ति में कटौती कर दी है और ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए वह तुर्की और चीन को सोना बेच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया में आर्थिक मंदी की आशंका में सोने की कीमतें पहले से ही बढ़ रही हैं। लेकिन आपूर्ति घटने से भारत में इसकी कीमत तेजी से बढ़ने की आशंका है।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने की की अधिकतर सप्लाई आपूर्ति जेपी मॉर्गन, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और आईसीबीसी स्टैंडर्ड की ओर से की जाती है। यह बैंक सोने की खदानों से हर साल त्योहारी सीजन से पहले बड़ी मात्रा में सोना खरीदकर उन्हें अपने पास रख लेते हैं।

इसके बाद उस सोने को दुनियाभर के देशों में बेचा जाता है। लेकिन इस बार यह सोने की आपूर्ति भारत के बजाय चीन और तुर्की जैसे देशों को ज्यादा की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इन बैंकों की तिजौरियों में इस वक्त कुल जरूरत की तुलना में केवल 10 प्रतिशत सोना ही रखा है।

चीन-तुर्की में आयात बढ़ा,भारत में घटा

बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि मौजूदा समय में तुर्की में महंगाई चरम पर पहुंची हुई है। इसे देखते हुए लोग अपने देश की मुद्रा पर भरोसा करने की बजाय बड़ी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं। इसकी वजह से वहां सोने की मांग कई गुना बढ़ गई है। आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में तुर्की का सोना आयात 543 प्रतिशत और चीन का 40 प्रतिशत बढ़ गया। वहीं इसी अवधि में भारत का सोना आयात 30 प्रतिशत घट गया।

भारत में कम मुनाफा बना वजह

रिपोर्ट के मुताबिक तुर्की में सोना बेचने पर 80 डॉलर प्रति औंस का प्रीमियम यानी बाजार भाव से अधिक लाभ मिल रहा है। वहीं चीन में 20-45 डॉलर प्रति औंस का प्रीमियम मिल रहा है। भारत में पिछले साल बैंकों को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से करीब चार डॉलर प्रति औंस से ज्यादा प्रीमियम मिल रहा था जो मौजूदा समय में घटकर एक से दो डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। ऐसे आपूर्तिकर्ता बैंक भारत की बजाय चीन और तुर्की को सोना बेचना ज्यादा फायदेमंद समझ रहे हैं।

आईआईएफएल के उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने हिन्दुस्तान को बताया कि मंदी की आशंका में डॉलर के मुकाबले दुनियाभर की मुद्राओं में तेज गिरावट आ रही है। ऐसे में निवेशक सोने में निवेश को तरजीह दे रहे हैं जिससे इसकी कीमतें बढ़ रही हैं। लेकिन तुर्की में हालात ज्यादा खराब हैं वहां लोगों को अपनी मुद्रा पर से भरोसा उठ रहा है और वह जमकर सोने की खरीदारी कर रहे हैं। गुप्ता का कहना है कि आने वाले समय में दाम में उतार-चढ़ाव के बाद भी दिवाली तक सोना 52 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है।

क्या है मौजूदा भाव

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना मंगलवार को 980 रुपये उछलकर 51,718 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,710 डॉलर प्रति औंस पर रहा।

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