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लांचर कम पड़े तो जीएसएस से सेगमेंट लाचिंग का काम शुरू

मेट्रो प्रोजेक्ट इंदौर, अगले साल सितंबर में मेट्राे को पांच किलोमीटर लंबे इलाके में ट्रायल किया जाना है, जिसके लिए तैयारी की जा रही है। पिछले दिनों मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एमडी के साथ हुई बैठक में भी यह तय हुआ था।

इंदौर । शहर में मेट्रो के काम को तेजी से पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे है। अब पिलर को आपस में जोड़ने के लिए लांचर की कमी होने पर जीएसएस के माध्यम से सेगमेंट लाचिंग का काम शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार अभी मेट्रो के लिए तीन लांचरों की मदद ली जा रही है। एक लांचर रेल विकास निगम द्वारा उपयोग में लिया जा रहा है, जिससे सुपर कारिडोर पर इसकी सहायता से सेगमेंट जोड़े जा रहे हैं। जबकि दूसरा लांचर दिलीप बिल्डकान द्वारा एमआर 10 के यहां पर उपयोग में लिया जा रहा है। वहीं तीसरा लांचर विजय नगर से रेडिसन के बीच में सेगमेंट लगाने के काम आ रहा है। इधर बापट चौराहे से सयाजी चौराहे के बीच में तैयार पिलरों को जीएसएस ग्राउंड सपोर्ट सिस्टम की सहायता से जोड़ा जा रहा है।

मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर तक हमारी आठ लांचर लाने की तैयारी है, जिससे जल्द काम हो जाएगा। लेकिन अभी हमने जीएसएस की मदद लेना शुरू कर दी है। हालांकि इसमें समय लगता है, लेकिन काम को जल्द पूरा करने के लिए यह जरूरी है। लांचर की मदद से पांच दिनों में दो पिलर के बीच में सेगमेंट लगा दिए जाते हैं, जबकि जीएसएस की मदद से इस काम में ज्यादा समय लग जाता है।

गौरतलब है कि अगले साल सितंबर में मेट्राे को पांच किलोमीटर लंबे इलाके में ट्रायल किया जाना है, जिसके लिए तैयारी की जा रही है। पिछले दिनों मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एमडी के साथ हुई बैठक में भी यह तय हुआ था। अगले साल होने वाले ट्रायल में किसी तरह की देरी नहीं होना चाहिए। इसके चलते अब तेजी से काम किया जा रहा है। हालांकि नागरिकों को मेट्रो में बैठने के लिए अभी इंतजार करना होगा।

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