छत्तीसगढ़

नगर निगम में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: इंजीनियरों के जोन बदले, कई अधिकारियों को मुख्यालय की जिम्मेदारी

रायपुर। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने निगम की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों एवं अभियंताओं की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से एवं आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेगा। आदेश के बाद कई इंजीनियरों के जोन बदले गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कार्यपालन अभियंताओं के प्रभार में बदलाव
जारी आदेश के अनुसार पद्माकर श्रीवास को मुख्यालय की विज्ञापन शाखा के प्रभार से मुक्त करते हुए जोन क्रमांक 5 का कार्यपालन अभियंता बनाया गया है। वहीं लाल महेंद्र प्रताप सिंह को जोन क्रमांक 6 की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी क्रम में दिनेश कुमार सिन्हा को जोन क्रमांक 6 से स्थानांतरित कर जोन क्रमांक 10 भेजा गया है, जबकि गजाराम कंवर को जोन क्रमांक 10 से मुख्यालय की उद्यान शाखा में नवीन जिम्मेदारी दी गई है।
सहायक अभियंताओं के भी बदले जोन
सहायक अभियंताओं की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया है।

शत्रुघ्न देशलहरे को जोन क्रमांक 7 से जोन क्रमांक 8 भेजा गया है। वहीं दीपक देवांगन को जोन क्रमांक 4 से स्थानांतरित कर प्रभारी कार्यपालन अभियंता के रूप में मुख्यालय की 15वें वित्त एवं लोक कर्म विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा संदीप तिवारी को मुख्यालय से जोन क्रमांक 4 तथा संस्कार शर्मा को मुख्यालय से महापौर कार्यालय, 15वां वित्त आयोग एवं उद्यान शाखा में पदस्थ किया गया है।
उप अभियंताओं की भी नवीन पदस्थापना
उप अभियंताओं में वसीम खान को जोन क्रमांक 10 से स्थानांतरित कर प्रभारी सहायक अभियंता, स्वच्छ भारत मिशन के रूप में मुख्यालय लाया गया है। वहीं जीत दीवान को मुख्यालय से स्थानांतरित कर प्रभारी सहायक अभियंता, जोन क्रमांक 7 की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी तरह योगेंद्र साहू को जोन क्रमांक 8 से मुख्यालय की योजना शाखा, 15वां वित्त एवं लोक कर्म विभाग में पदस्थ किया गया है।
आदेश से जोनवार इंजीनियरिंग व्यवस्था में बदलाव
नगर निगम की इस नई प्रशासनिक व्यवस्था में जोन और मुख्यालय के बीच अभियंताओं की जिम्मेदारियों में व्यापक फेरबदल किया गया है। अब बदले हुए अधिकारियों के सामने अपने-अपने नए प्रभार में विकास कार्यों, निर्माण कार्यों, योजनाओं और विभागीय जिम्मेदारियों के संचालन की चुनौती होगी।
खास बात यह है कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और यह आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। ऐसे में आने वाले समय में नए प्रभार संभालने वाले अभियंताओं के कामकाज और उनके अधीन चल रहे विकास कार्यों पर भी निगाह रहेगी।

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