3. राजीव भवन घेराव मामला : थाने में लिखित आश्वासन के बाद कांग्रेस का धरना खत्म, बीजेपी नेताओं पर FIR की है मांग

रायपुर : कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन घेराव को लेकर छिड़ा सियासी विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और खम्हारडीह थाने के घेराव के बाद पुलिस और कांग्रेस के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी है.पुलिस ने कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया है, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने धरना-प्रदर्शन को फिलहाल एक सप्ताह के लिए स्थगित करने का ऐलान किया है. हालांकि कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यदि तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा.
खम्हारडीह थाना बना सियासी संघर्ष का केंद्र
राजधानी रायपुर का खम्हारडीह थाना गुरुवार से कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का केंद्र बना रहा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता थाने पहुंचे और पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की. कांग्रेस का कहना था कि राजीव भवन की घटना में केवल कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई की गई, जबकि बीजेपी नेताओं के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया.
बीजेपी नेताओं पर एफआईआर की मांग
कांग्रेस ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक पुरंदर मिश्रा, भाजयुमो अध्यक्ष राहुल टिकरिहा सहित अन्य बीजेपी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की. कांग्रेस का आरोप है कि राजीव भवन घेराव के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं में इन नेताओं की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस के अनुसार 22 जुलाई को बीजेपी और भाजयुमो कार्यकर्ता राजीव भवन के सामने पहुंचे, जहां अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया.इसके बाद पत्थर, पानी की बोतलें, पाउच, चप्पल और अन्य सामान फेंके गए, जिससे कई कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए.पार्टी का आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और राजीव भवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया.
CCTV फुटेज का हवाला
कांग्रेस ने अपने आवेदन में दावा किया कि पूरी घटना शंकर नगर चौक के CCTV कैमरों और मीडिया कैमरों में रिकॉर्ड हुई है.पार्टी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर काउंटर एफआईआर दर्ज करने की मांग की.
पुलिस और कांग्रेस के बीच बनी सहमति
करीब एक रात तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस और कांग्रेस के बीच बातचीत हुई. इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस की तीनों प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया, जिसके आधार पर धरना समाप्त कर दिया गया.
पहली सहमति – कांग्रेस के आवेदन पर सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर राजीव भवन पर हमला करने के आरोपी बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी.
दूसरी सहमति – घायल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मेडिकल परीक्षण (डॉक्टरी मुलाहिजा) कराया जाएगा. जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी.
तीसरी सहमति – जिन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं, उनकी विवेचना कर यदि आवश्यक हुआ तो उन धाराओं को हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
दीपक बैज ने किया बड़ा ऐलान
पुलिस से लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन को एक सप्ताह के लिए स्थगित करने की घोषणा की.
कांग्रेस पुलिस को कार्रवाई के लिए सात दिन का समय दे रही है. यदि तय समयसीमा में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी फिर से आंदोलन शुरू करेगी- दीपक बैज, पीसीसी अध्यक्ष
राजीव भवन विवाद अब केवल राजनीतिक नहीं बल्कि कानूनी लड़ाई का भी रूप ले चुका है.एक ओर कांग्रेस समान और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं पुलिस जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दे रही है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सात दिनों के भीतर पुलिस जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचती है . बीजेपी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है या नहीं. इसी पर आगे की राजनीतिक रणनीति और आंदोलन की दिशा तय होगी.



