8. सौर ऊर्जा के लिए सरकार किसानों से 25 साल के लिए लेगी जमीन

रायपुर। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार 810 मेगावॉट डीसी (675 मेगावॉट एसी) क्षमता के सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना शासकीय और कृषि भूमि पर करेगी। इसके लिए किसानों की सहमति से उनकी कृषि जमीन 25 वर्षों की लीज पर ली जाएगी। इसके लिए किसानों को प्रतिवर्ष 30,000 रुपए प्रति एकड़ के मान से भुगतान किया जाएगा। साथ ही उक्त लीज की राशि में प्रतिवर्ष 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाएगी। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।
बैठक में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान (पीएम कुसुम ) योजना के कम्पोनेन्ट-सी अंतर्गत कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जीकृत किए जाने के लिए 810 मेगावॉट (डी.सी.)/675 मेगावॉट (एसी) क्षमता के सोलर पॉवर प्लांट लगाने के विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
कृषि पम्पों का सोलराइजेशन किए जाने से कृषकों को कृषि पम्पों के संचालन के लिए वर्तमान में प्राप्त हो रही बिजली के अतिरिक्त सौर ऊर्जा भी प्राप्त होगी। अतः सौर ऊर्जा की उपलब्धता के समय कृषि पम्पों का संचालन सोलर ऊर्जा से होगा तथा सोलर ऊर्जा उपलब्ध नहीं होने पर वर्तमान में मिल रही बिजली मिलती रहेगी, जिससे कृषि पम्प का संचालन होगा। वर्तमान में प्रदेश में 577 कृषि फीडर हैं, जिस पर 1,75,028 कृषि पम्प स्थापित हैं। योजनांतर्गत उक्त 577 फीडरों को सोलराइज किया जाएगा।
जिले और संभाग से बाहर नहीं होगा स्थानांतरण
वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि,बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में तबादला को लेकर भी फैसला हुआ। राज्य शासन की ओर से अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्रों बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों सहित बिलासपुर संभाग के कोरबा व गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के जिला स्तरीय व संभाग स्तरीय पदों पर नियुक्त व्यक्तियों का स्थानान्तरण , प्रतिनियुक्ति, संविलियन, संलग्नीकरण जिले और संभाग के बाहर नहीं किया जाएगा।
कृषि विभाग के लिए नया भवन
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया नवा रायपुर में कृषि विभाग का नया भवन बनेगा। इसके लिए नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर 19 में 3.14 एकड़ भूमि चिह्नांकित की गई है।
नहरों-सर्विस रोड पर दूसरे विभाग से भी लेंगे काम
जल संसाधन विभाग की सिंचाई नहरों के सर्विस बैंक में पक्की सड़कों का निर्माण जल संसाधन विभाग के मद से कराए जाने के बजाए अन्य निर्माण विभागों के मद से कराए जाने का निर्णय लिया गया, ताकि सिंचाई विभाग की राशि का उपयोग राज्य में सिंचाई क्षमता को बढ़ाने में किया जा सके।
ये हैं अन्य महत्वपूर्ण फैसले
– लघु जल विद्युत परियोजना की अवधि 10 वर्ष के लिए बढ़ाई।
– लोक निर्माण विभाग में सहायक मानचित्रकार के 43 पदों पर नियुक्ति के लिए जारी चयन सूची की वैधता एक साल के लिए बढ़ी।
– छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर केन्द्रित लघु फिल्म और स्वतंत्रता के 75 वर्ष और आगामी 25 वर्ष में नए भारत के निर्माण संबंधी डाक्यूमेंटरी फिल्म बनेगी।
– शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों को टर्नकी आधार पर निर्माण के लिए सीमित निविदा के माध्यम से केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कन्सल्टेंट के रूप में नियुक्त होंगे।



