महासमुंद

शराब को विकास का आधार बताने पर सियासत तेज, अमरजीत चावला ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

महासमुंद। प्रदेश के मंत्री लखनलाल देवांगन के उस बयान को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि शराब से प्राप्त राजस्व के माध्यम से प्रदेश में विकास कार्यों और महतारी वंदन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इस बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रभारी महामंत्री (संगठन) एवं जिला कांग्रेस कमेटी महासमुंद के पूर्व अध्यक्ष अमरजीत चावला ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों और विकास मॉडल पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में चावला ने कहा कि मंत्री का बयान भाजपा सरकार की वास्तविक सोच को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को उद्योग, कृषि, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के बजाय शराब से प्राप्त राजस्व पर आधारित बताने का प्रयास कर रही है, जो चिंताजनक है।


चावला ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने सुशासन, रोजगार, आर्थिक समृद्धि और विकास के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब सरकार के मंत्री स्वयं यह स्वीकार कर रहे हैं कि योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन शराब बिक्री से प्राप्त हो रहे हैं। उनके अनुसार इससे यह संदेश जाता है कि सरकार के पास आर्थिक विकास का कोई ठोस और दीर्घकालिक रोडमैप नहीं है।
महिलाओं और युवाओं के हितों को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश सरकार यह मानती है कि शराब की बिक्री बढ़ने से विकास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना को शराब से होने वाली आय से जोड़ना सरकार की सोच पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने इसे महिलाओं, युवाओं और परिवार व्यवस्था के प्रति असंवेदनशील दृष्टिकोण बताया।
भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप
अमरजीत चावला ने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा सरकार नशामुक्त समाज की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसके मंत्री शराब बिक्री को विकास का माध्यम बताकर उसका महिमामंडन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का दोहरा चरित्र है, जिसे प्रदेश की जनता समझ रही है।
बढ़ते नशे और सामाजिक प्रभावों का मुद्दा उठाया

चावला ने कहा कि प्रदेश में शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता के कारण अनेक परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं और सामाजिक विघटन जैसी घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है। ऐसे समय में सरकार द्वारा शराब से प्राप्त राजस्व को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं माना जा सकता।
सरकार से मांगा जवाब
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उसकी प्रमुख उपलब्धियां क्या हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि शराब बिक्री से होने वाली आय है, तो यह प्रदेश के भविष्य के लिए गंभीर संकेत है।
कांग्रेस ने जारी रखा विरोध का ऐलान
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में अमरजीत चावला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम जनता के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों, नशे को बढ़ावा देने के आरोपों और विकास के मुद्दों पर कांग्रेस द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की बात कही।
गौरतलब है कि मंत्री लखनलाल देवांगन के बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।

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