राष्ट्रीय

आत्मनिर्भर भारत का दुश्मन चीन से 116 अरब डॉलर का धंधा ?

एम.डी. आरिफ की रिपोर्ट………

नई दिल्ली। तवांग में चीन की घुसपैठ की कोशिशों और भारतीय सैनिकों के साथ हुई झड़प के बीच केंद्र सरकार ने बताया है कि चीन के साथ भारत का कारोबार बढ़ कर 116 अरब डॉलर का हो गया है। पिछले वित्त वर्ष यानी 2021-22 में दोनों देशों के बीच 115.83 अरब डॉलर का कारोबार हुआ, जिसमें चीन से आयात 94.57 अरब डॉलर रहा। इसका मतलब है कि भारत ने 21.26 अरब डॉलर का निर्यात चीन को किया। इस लिहाज से देखें तो भारत का व्यापार घाटा 73.31 अरब डॉलर का रहा। यह तब हुआ है, जब आत्मनिर्भर भारत का प्रचार जोर शोर से हो रहा है और मेक इन इंडिया अभियान भी चल रहा है।

बहरहाल, वाणिज्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में भारत और चीन के बीच व्यापार पर ताजा आंकड़े पेश किए। इन आंकड़ों के मुताबिक  चीन के साथ भारत का दोपक्षीय कारोबार इस साल मार्च से अब तक एक तिहाई बढ़ गया है। चीन के साथ भारत के आयात और निर्यात का अंतर चौंकाने वाला है। ध्यान रहे साल 2020 में जब गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी तब चीन के ऐप टिक टॉक को बैन कर दिया गया था और देश में चीनी उत्पादों के विरोध की मुहिम चली थी। इसके बावजूद चीन के साथ कारोबार में बेहिसाब बढ़ोतरी हो रही है।

असलियत यह है कि भारत में चीन से आयात बढ़ता जा रहा है जबकि इसके मुकाबले चीन को भारत निर्मित वस्तुओं का निर्यात बहुत कम हो रहा है। राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुतबिक, भारत में 2020-21 में चीन से कुल आयात 65.21 अरब डॉलर का था जो कि 2021-22 में बढ़ कर 94.57 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यानी एक साल में आयात 45 फीसदी तक बढ़ गया। अगर इस साल की बात करें तो अप्रैल से अक्टूबर, 2022 के बीच चीन से कुल आयात 60.27 अरब डॉलर का हो चुका था, जबकि इसी अवधि में भारत का निर्यात सिर्फ 8.77 अरब डॉलर का हो पाया।

 

 

भारत सरकार की ओर से संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक भारत और चीन के बीच वित्त वर्ष 2020-21 में कुल कारोबार 86.39 अरब डॉलर था जो 2021-22 में बढ़ कर 115.83 अरब डॉलर हो गया। यानी दोनों देशों के बीच व्यापार में 34.07 फीसदी का इजाफा हुआ। व्यापार 34 फीसदी बढ़ा पर चीन का आयात 45 फीसदी बढ़ गया। सीमा पर चीन के साथ चल रहे टकराव के बीच कारोबार में इस तरह की बढ़ोतरी पर कई विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर निशाना साधा है और चीन से कारोबार बंद करने की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button