7. मुस्लिम लॉ से नहीं, भारतीय संविधान से चले देश, यूसीसी पर सलीम राज का बड़ा बयान

रायपुर: यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज का बयान सियासी हलकों में हलचल मचा रहा है. सलीम राज ने साफ शब्दों में कहा कि देश मुस्लिम लॉ, ईसाई लॉ या किसी धार्मिक रीति-रिवाज से नहीं, बल्कि भारतीय संविधान और कानून से चलना चाहिए. उन्होंने “एक देश, एक संविधान, एक कानून” की वकालत करते हुए दोहरे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए.
“धर्म अलग हो सकते हैं, कानून एक होना चाहिए”
सलीम राज ने कहा कि भारत में जातियां अलग-अलग हो सकती हैं, धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कानून सबके लिए एक जैसा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश को न तो मुस्लिम रीति-रिवाज के कानून से चलाया जा सकता है और न ही ईसाई समाज के धार्मिक कानून से. देश वहीं से चलेगा जो संविधान में लिखा है.
इस्लाम और भारतीय कानून में सजा को लेकर फर्क- सलीम राज
अपने बयान में सलीम राज ने इस्लामिक कानून और भारतीय दंड व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि इस्लाम में बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के लिए पत्थर मार-मारकर मौत की सजा का जिक्र है, जबकि भारतीय कानून में आजीवन कारावास या कड़ी सजा का प्रावधान है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज में कई बार दो तरह के कानूनों का फायदा लिया जाता है,जो संविधान की भावना के खिलाफ है.
“दो कानूनों का फायदा, सनातन को सिर्फ एक”
सलीम राज ने कहा कि मुस्लिम समाज को यह तय करना होगा कि वह धार्मिक कानून से चलेगा या भारतीय कानून से.उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज दो कानूनों का लाभ लेता है, जबकि सनातन धर्म को सिर्फ एक ही कानून के तहत रहना पड़ता है.
यह दोहरा मापदंड नहीं चलेगा-सलीम राज
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने दो टूक कहा कि एक धर्म के साथ अन्याय और दूसरे के साथ विशेष न्याय,यह दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि सबके साथ बराबरी होनी चाहिए, और इसके लिए जरूरी है कि देश भारतीय कानून के हिसाब से चले, न कि मुस्लिम लॉ के हिसाब से.
यूसीसी बहस में नया मोड़
सलीम राज का यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में यूसीसी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज है. अब सवाल यह है कि क्या वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के बयान से मुस्लिम समाज के भीतर नई बहस छिड़ेगी?. क्या यूसीसी पर राजनीति और ज्यादा तेज होगी? राजनीति गरम है, बयान सख्त हैं,और बहस अब और उग्र होने के संकेत दे रही है.



