5. एंबुलेंस में नहीं था ऑक्सीजन सिलेंडर, तड़फकर मरीज की मौत, प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था इलाज

गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से एक मरीज की मौत हो गई। निमोनिया से पीड़ित 35 वर्षीय मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं मिली जिस कारण से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान एक लेडी डॉक्टर ने परिजनों को धमकी दी।
प्राइवेट अस्पताल में था भर्ती
दरअसल, परिजनों ने बताया कि बसंत देवांगन की तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार को उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह तक उसकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। रविवार सुबह अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मरीज को निमोनिया है और उसकी पसली की एक हड्डी भी टूटी हुई है। बेहतर इलाज के लिए इसे रायपुर ले जाओ।
परिजनों ने रायपुर ले जाने का किया फैसला
मरीज की हालत गंभीर जानकार परिजनों ने रायपुर ले जाने का फैसला किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने केस को रायपुर रेफर करने के लिए कहा लेकिन अस्पताल प्रबंधन मरीज को बाहर रेफर करने में लगातार टालमटोल करता रहा और ले जाने से मना करता रहा। इसके बाद भी परिजन मरीज को रायपुर ले जाने पर अड़े रहे।
लेडी डॉक्टर से हुई बहस
इस दौरान परिजनों और अस्पताल की लेडी डॉक्टर के बीच जमकर बहस हुई। लेडी डॉक्टर ने गुस्से में यहां तक कह दिया कि ऐसे लोगों के लिए मेरे पास विनम्रता नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं आप लोगों को जेल भेजवा दूंगा। परिजनों की मांग को देखते हुए केस रेफर किया गया लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि अभी एंबुलेंस नहीं है।
परिजनों की मांग पर किसी तरह के रविवार शाम को एंबुलेंस मिली लेकिन अस्पताल प्रबंधन की तरफ से उसमें किसी स्टॉफ को नहीं भेजा गया। यहां तक की आक्सीजन सिलेंडर भी नहीं था। अस्पताल से करीब 5 किमी दूर जाते ही मरीज की मौत हो गई। इस पूरे मामले में निजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर कोमल सिन्हा ने बताया कि मरीज का इलाज ठीक से चल रहा था। परिजन उसे रायपुर ले जाना चाहते थे। हमने पहले ही बता दिया था कि एंबुलेंस में सिलेंडर नहीं है जिला अस्पताल जाकर ले लेना लेकिन परिजनों ने बात नहीं मानी।



