4. चोरी की बाइक गुजरते ही कंट्रोल रूम को मिलेगी सूचना, AI सिस्टम से सख्ती बढ़ाने की तैयारी

राजधानी रायपुर में बाइक चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। इसके तहत पुलिस द्वारा इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को अपडेट किया जा रहा है। नए फीचर के माध्यम से चोरी की बाइक का नंबर सिस्टम में दर्ज किया जाएगा।
जैसे ही वह बाइक शहर के किसी भी इलाके में लगे कैमरों के सामने से गुजरेगी, पुलिस कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। इसके साथ ही बाइक की सटीक लोकेशन और वीडियो फुटेज भी उपलब्ध होगी, जिससे वाहन को ट्रैक कर कार्रवाई करना आसान होगा।
अलग टीम करेगी मॉनिटरिंग
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ITMS में यह सुविधा पहले से मौजूद थी, लेकिन अब इसे और उन्नत बनाया जा रहा है। बाइक चोरी के मामलों की निगरानी और चोरों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम बीते दो वर्षों में दर्ज बाइक चोरी के मामलों का डेटा संकलित कर गहन जांच करेगी।
पुलिस कमिश्नर ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि बाइक चोरी की शिकायत मिलते ही बिना देरी के एफआईआर दर्ज की जाए।
रायपुर में 8 लाख वाहन बिना HSRP
शहर में पंजीकृत करीब 15 लाख वाहनों में से सिर्फ 7 लाख वाहनों में ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगी हुई है। शेष 8 लाख वाहन अब भी बिना HSRP के चल रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या पुराने वाहनों की है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से चोरी के वाहनों की पहचान और ट्रैकिंग आसान होती है। इसी कारण अब इन वाहनों पर HSRP लगाने को लेकर सख्ती बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
तीनों जोन में बाइक चोरी रोकने की विशेष पहल
रायपुर के तीनों पुलिस जोन में बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अलग-अलग स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों की निगरानी डीसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। टीमों का मुख्य कार्य सिर्फ बाइक चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग से आने वाले समय में बाइक चोरी की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।



